
Rajnish Tiwari
Jamshedpur : एक ओर तो सरकार पर्यावरण बचाओ का नारा बुलंद कर रही है. पर्यावरण की रक्षा के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन वर्कशॉप करा रहा है. टाटा कंपनी को हर साल पर्यावरण संरक्षण के लिए कई अवॉर्ड भी मिलते हैं, लेकिन उसी टाटा के शहर जमशेदपुर में मंगलवार की आधी रात बीच सड़क पर जेसीबी लगाकर तीन विशालकाय पेड़ों को उखाड़ दिया गया. टाटा लीज एरिया में बेखौफ तरीके से उजाड़ी गयी इस हरियाली के बारे में वन विभाग को भनक तक नहीं है. जुस्को की सिविल सिक्योरिटी एसआरटी की निगरानी में जुस्को के ही मजदूरों ने जेसीबी लगा कर इन पेड़ों को उखाड़ दिया, लेकिन हैरत की बात है कि टाटा स्टील यूआईएसएल यानी जुस्को को इन पेड़ों को उखाड़े जाने की कोई जानकारी नहीं है.
बीच तने से खींचकर तोड़ दिये गये पेड़
एमजीएम के सेकेंड इंट्री गेट के समीप मंगलवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच में अस्पताल की बाउंड्री वॉल से सटे तीन विशालकाय हरे-भरे पेड़ों को जेसीबी के माध्यम से बुरी तरह से खींचकर बीच तने से ही उखाड़ दिया गया. मौके पर जुस्को की सिविल सिक्योरिटी एसआरटी के जवान सड़क से आने-जाने वाले वाहनों को रोक रहे थे और जुस्को के मजदूर पेड़ की डालियों को हटा रहे थे.
वन विभाग से नहीं ली गई एनओसी: डीएफओ
वन विभाग की डीएफओ ममता प्रियदर्शी ने बताया कि इस मामले के बारे में कोई सूचना नहीं है, न ही वन विभाग से पेड़ काटने-स्थानांतरित करने के लिए किसी के द्वारा कोई एनओसी नहीं ली गई है. अगर इस प्रकार की घटना हुई है, तो अनिवार्य रूप से विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी.
फिलहाल यह मामला संज्ञान में नहीं है. इस बारे में संबंधित विभाग से जानकारी ली जायेगी. विभाग से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद ही कोई आधिकारिक बयान दिया जा सकता है.
– सुकन्या दास, प्रवक्ता, जुस्को




