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एस्सेल इंफ्रा ने सौंप दी खराब गाड़ियां, अब संसाधन की कमी से जूझ रहा निगम

Ranchi : शहर की सफाई व्यवस्था कर रही कंपनी एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेट कर दिया गया है. लेकिन आज जिस स्थिति में कंपनी को टर्मिनेट किया गया है उससे निगम पर सफाई का काम बोझ काफी बढ़ गया है.

शहर के कचरे उठाने वाली कंपनी की 50 प्रतिशत से अधिक गाड़ियां खराब हैं. निगम को सौंपे गये कुल 321 में करीब 172 गाड़ियां काफी खराब कंडीशन में है. वहीं वार्डों में काम कर रहे सफाईकर्मियों के वेतन और पीएफ का निपटारा करना भी निगम के लिए एक बड़ी चुनौती है.

हालांकि निगम ने अपने स्तर पर सफाई काम को तेजी से शुरू किया है. कई वार्डों में सुबह 6 बजे से ही कचरा उठाने वाली गाड़ियां लगातार विजिट पर हैं. वहीं निगम के निचले स्तर के कर्मियों के साथ-साथ सिटी मिशन मैनेजर, उपनगर आयुक्त स्तर के अधिकारी भी शहर में फैले कचरे को हटाने में मुस्तैदी से लगे हैं.

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निगम पर काम का दबाव कितना है, इसकी पुष्टि इससे ही की जा सकती है कि निगम ने सभी कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी है. केवल विशेष अवस्था में छुट्टी की मंजूरी स्थापना शाखा के प्रभारी पदाधिकारी सह उपनगर आयुक्त की अनुशंसा पर अपर नगर आयुक्त देगें. आदेश को नहीं मानने वाले कर्मियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाई की भी बात की गई है.

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खराब गाड़ियों की रिपेयरिंग है प्रमुख समस्या

गौरतलबै है कि रांची नगर निगम और एस्सेल इंफ्रा के ज्वाइंट वेंचर रांची एमएसडब्ल्यू (एस्सेल इंफ्रा) को निगम ने सफाई कार्य से टर्मिनेट कर दिया है. इसके साथ ही उसके अधिकार क्षेत्र वाले सभी 30 वार्डों की सफाई का जिम्मा भी निगम को मिल गया है.

साथ ही कंपनी को उपलब्ध कराए गए सभी संसाधन और मैनपावर भी वापस निगम को मिल गए हैं. हालांकि कंपनी के जाने से निगम को अब कई तरह की परेशानियों से भी जूझना पड़ रहा है. इसमें सबसे ज्यादा परेशानी कचरा उठाने वाली गाड़ियों को लेकर है. स्वास्थ्य शाखा की मानें, तो कंपनी के पास उपलब्ध गाडियों में आधे से अधिक खराब है.

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शहर के सभी वार्डों में कचरे का उठाव सही तरीके से हो सके, इसके लिए निगम को जल्द ही इन गाड़ियों की रिपेयरिंग करानी होगी. वहीं कंपनी के रहते कई एमटीएस (मिनी ट्रांसफर स्टेशन) में हड़ताल में रहे सफाईकर्मियों की पीएफ समस्याओं का निपटारा भी एक बड़ी समस्या है. उल्लेखनीय है कि हड़ताल पर गये कंपनी के कई कर्मियों ने आरोप लगाया था कि कंपनी द्वारा उनके पीएफ में सही तरीके से  भुगतान नहीं किया जा रहा है.

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321 में 172 गाड़ियां है खराब

कंपनी द्वारा निगम को सौंपी गयी कचरा उठाने वाली गाड़ियों की संख्या करीब 321 है. उसमें से करीब 172 गाड़ियां अभी खराब है. हालांकि बाकी बची गाड़ियों से निगम सभी वार्डों से कचरे उठाने का काम काफी तत्परता से कर रहा है.

वहीं एमटीएस में इन गाड़ियों के आने के बाद कचरे का रि-साइकिलिंग भी होने लगा है. लेकिन आधे से अधिक गाड़ियों के खराब होने की वजह से निगम के पास एक तरह से भारी चुनौती भी है. खराब हुई गाडियों की संख्या इस प्रकार है.

  • कुल कॉम्पेक्टर गाड़ियां 29, जिसमें से 11 चालू और 18 खराब.
  • कुल हूक लोल्डर गाड़ियां 11, जिसमें से 3 चालू और 8 खराब.
  • कुल टाटा जिप गाड़ियां 129, जिसमें से 64 चालू और 65 खराब.
  • कुल टाटा मेगा गाड़ियां 152, जिसमें से 71 चालू और 81 खराब.

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