
New Delhi: बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एनडीटीवी लिमिटेड के तीन प्रवर्तकों को पूंजी बाजार में दो साल के लिये शुक्रवार को प्रतिबंधित कर दिया. इन प्रवर्तकों में प्रणय रॉय, राधिका रॉय और इन दोनों की कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल है.
कंपनी में नहीं ले सकते शीर्ष पद
सेबी ने प्रणय और राधिका को दो साल तक कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर या टॉप मैनेजमेंट में किसी भी तरह की भूमिका से भी प्रतिबंधित कर दिया. ये दोनों अब किसी अन्य कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर या टॉप मैनेजमेंट में एक साल तक शामिल नहीं हो सकते हैं.
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सेबी ने कहा कि तीन ऋण करार को लेकर अल्पांश शेयरधारकों से जानकारी छिपाकर कई नियमों का उल्लंघन किया गया है. सेबी ने इसके लिये प्रणय, राधिका और आरआरपीआर होल्डिंग्स को फटकार भी लगाई.
शेयर होल्डर्स से जानकारी छिपाना गलत- सेबी
इन तीन ऋण करारों में एक आईसीआईसीआई बैंक के साथ है, जबकि दो अन्य करार बेहद कम ज्ञात कंपनी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के साथ है. थोक बिक्री का कारोबार करने वाली कंपनी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2008 में हुई और कहा जाता है कि बाद में इसका मालिकाना हक मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नाहटा समूह को दे दिया. नाहटा समूह वही कंपनी है, जिससे मुकेश अंबानी ने पुन: दूरसंचार क्षेत्र में उतरने के लिये 2010 में इंफोटेल ब्रॉडबैंड को खरीदा था.
सिक्योरिटीज मार्केट से दो साल के लिए बैन
सेबी ने 51 पृष्ठों के अपने ताजा आदेश में कहा कि प्रणय रॉय, राधिका रॉय और आरआरपीआर होल्डिंग्स के सभी निदेशकों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर से प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री करने तथा प्रतिभूति बाजार से किसी भी तरह जुड़े रहने से प्रतिबंधित किया जाता है. यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू है.
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सेबी ने कहा कि प्रतिबंध की अवधि के दौरान म्यूचुअल फंड इकाइयों समेत उनके मौजूदा होल्डिंग्स जब्त रहेंगे.
बता दें कि सेबी ने कहा कि एनडीटीवी के एक शेयरधारक क्वांटम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने 2017 में शिकायतें की थीं. उसने आरोप लगाया था कि विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के साथ ऋण करारों को लेकर शेयरधारकों को दी जाने वाली सूचनाओं से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया है. सेबी ने इन शिकायतों के बाद जांच शुरू की थी.
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