
Ranchi : एचईसी आवासीय परिसर में लीज की शर्तों का उल्लंघन कर अवैध रूप से निर्माण करने वाले लीजधारकों/संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. उनके विरुद्ध लीज रद्द करने का नोटिस भी जारी किया जाएगा. इस संबंध में एचईसी प्रबंधन ने ठोस रणनीति तैयार कर ली है. गौरतलब है कि एचईसी परिसर के सेक्टर दो स्थित राजेंद्र भवन को प्रबंधन ने द बेस इंटरप्राइजेज नामक संस्था को दस वर्षों की अवधि के लिए लीज पर आवंटित किया था. बाद में लीजधारक ने उक्त परिसर में अवैध रूप से अतिरिक्त निर्माण कर लिया था.
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इस पर एचईसी प्रबंधन की ओर से लीज की शर्तों का उल्लंघन करने और लीज रद्द करने संबंधी नोटिस जारी भी की थी. इधर, लीजधारक द बेस एंटरप्राइजेज ने एचईसी के लीज रद्द करने संबंधी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने एचईसी के आदेश को सही ठहराते हुए बेस इंटरप्राइजेज की याचिका खारिज कर दी. इसके बाद एचईसी ने राजेंद्र भवन को सील कर दिया.
इसी प्रकार एचईसी आवासीय परिसर में सेक्टर दो स्थित द गाला बैंक्वेट हॉल सहित अन्य कई संस्थानों को भी लीज की शर्तों के उल्लंघन संबंधी नोटिस जारी किया है. एचईसी प्रबंधन का कहना है कि लीज पर आवंटित आवासों व अन्य संस्थानों को दी गई जमीन पर सशर्त अतिरिक्त निर्माण का प्रावधान है, लेकिन इसके पूर्व एचईसी प्रबंधन की अनुमति लेनी आवश्यक है. लीजधारकों ने लीज की शर्तों का उल्लंघन कर बगैर प्रबंधन की अनुमति के ही मनमाने ढंग से अतिरिक्त निर्माण कर लिया है.
एचईसी प्रबंधन दीर्घकालीन लीज (एलटीएल)पर आवंटित आवासों में अतिरिक्त निर्माण करने वालों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है. आवासों में अवैध रूप से अतिरिक्त निर्माण वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार एचईसी प्रबंधन इसके लिए जिला प्रशासन से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध करेगा. गौरतलब है कि दीर्घकालीन लीज पर आवंटित किए गए आवासों व अन्य संस्थानों में बगैर प्रबंधन की अनुमति के अतिरिक्त निर्माण करना प्रतिबंधित है.
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एचईसी प्रबंधन के अनुसार लीज पर आवंटित आवासों में अतिरिक्त निर्माण करना लीज की शर्तों का उल्लंघन है. एलटीएल पर आवंटित आवासों के लीज की शर्तों के मुताबिक बिना एचईसी प्रबंधन की अनुमति से आवास में अतिरिक्त निर्माण कार्य करना गैरकानूनी है. बावजूद इसके लिए लीजधारकों ने पूर्व के क्वार्टरों के मूल आधारभूत संरचनाओं को ध्वस्त कर अपने तरीके से उसमें निर्माण कर लिया है. कई लीजधारियों ने तो बाकायदा बहुमंजिली इमारतें भी खड़ी कर ली है.
गौरतलब है कि राजेंद्र भवन को सील करने के पूर्व एचईसी प्रबंधन द्वारा नेक्सजेन सॉल्यूशन को भी लीज की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में लीज रद्द करने संबंधी नोटिस जारी की गई थी. इस पर नेक्सजेन सॉल्यूशन के संचालक ने उक्त परिसर से खाली कर दिया. वहीं, राजेंद्र भवन को लीज पर लेने वाली कंपनी द बेस इंटरप्राइजेज एचईसी के आदेश के विरुद्ध हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी.




