
Ravi Aditya
Ranchi : एक ओर झारखंड सरकार पर कर्ज का बोझ, दूसरी ओर बेरोजगारी और लाचारी. इनकम के साधन पर भी आफत. रोजगार देने का दावा भी कोसों पीछे छूट गया है. सरकारी नौकरियां भी कहीं न कहीं तकनीकी पेंच में फंसी हुई हैं.
निजी क्षेत्र में भी लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है. विकास योजनाओं के नाम पर कर्ज पर कर्ज लिये जा रहे हैं. कर्ज बढ़कर 85234 करोड़ हो गया है. इसे चुकाना सरकार के लिये चुनौती बन गई है. इस वित्तीय संकट के साथ राज्य में बेरोजगारी भयावह रूप लेती जा रही है.
झारखंड सरकार के आंकड़े खुद इस भयावह स्थिति को बयां कर रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2149550 लोगों के पास इनकम का कोई साधन नहीं है. जबकि 61750 लोग भीख मांगकर अपना जीवन गुजर-बसर करते हैं.
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146250 लोग शौचालय साफ कर चलाते हैं अपनी आजीविका
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार 146250 लोग शौचालय सफाई कार्य में लगे हैं. इसी से वे अपने परिवार की गाड़ी खींचते हैं. स्लम एरिया के डेवपलमेंट के कई योजनाएं बनीं, लेकिन योजनाओं का लाभ स्लम एरिया में रहने वालों तक नहीं पहुंच पाया.
नतीजन राज्य में 91000 लोग कचरा चुकर अपना गुजर-बसर करते हैं. 149175 लोग ऐसे हैं जिनके पास कोई काम नहीं है, वे किराया, पेंशन और इंटरेस्ट से अपनी आजीविका चला रहे हैं.
240500 लोग हैं स्ट्रीट वेंडर
प्रदेश में 240500 लोग स्ट्रीट वेंडर हैं, जो फेरी लगाकर या गली मुहल्लों में समान बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं. सफाई काम में 97500 लोग लगे हुये हैं. दुकानों में 64675 लोग काम कर गुजर बसर कर रहे हैं. इलेक्ट्रिशियन व मैकेनिक का काम करने वालों की संख्या 289250 है. इसके अलावा अन्य कामों में 487175 लोग लगे हुये हैं.
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42575 लोग हैं घरेलू नौकर
प्रदेश में 42575 लोग घरेलू नौकर का काम करते हैं. वहीं कंस्ट्रक्शन के काम में 179400 लोग लगे हुये हैं. होम बेस्ड वर्कर्स की संख्या 36400 है. जबकि ट्रांसपोटेशन के काम में 48100 लोग लगे हुए हैं. 1933750 लोगों के पास बेहतर रोजगार के साधन नहीं है. बस किसी तरह से अपना गुजर-बसर कर रहे हैं.
ऐसी है प्रदेश की भयावह स्थिति
भीख मांगने वालों की संख्या- 61750
कचरा चुनने वालों की संख्या-91000
घरेलू नौकर- 42575
स्ट्रीट वेंडर- 240500
कंस्ट्रक्शन वर्कर्स- 179400
शौचालय साफ करने वालों की संख्या- 146250
होम बेस्ड वर्कर्स- 36400
ट्रांसपोर्ट वर्कर्स- 48100
दुकानों में काम करने वालों की संख्या- 64675
इलेक्ट्रिशियन व मैकेनिक- 289250
वासर मैन- 97500
नॉन वर्कर्स (रेंट व इंटरेस्ट) : 149175
जिनके पास इनकम का कोई साधन नहीं- 2149550
अन्य काम करने वालों की संख्या- 487175




