
Rahul Guru
Ranchi: लॉकडाउन की अवधि में निजी स्कूल फीस लें या नहीं इसे लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पिछले डेढ़ महीने से केवल बयानबाजी ही कर रहे हैं. अब तक वे तीन बार यह कह चुके हैं कि निजी स्कूलों को फीस नहीं लेनी है.
पहली बार शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की अपील पर जैक की ओर से 31 मार्च को सभी निजी स्कूलों के प्राचार्य व प्रबंधकों को पत्र लिखा गया था. दूसरी बार 29 अप्रैल को उन्होंने कमेटी गठित करने की बात कह निजी स्कूलों पर फीस लेने पर रोक लगाई. फिर तीसरी बार 5 मई को जमशेदपुर के सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को लॉकडाउन की अवधि की फीस नहीं लेनी है.
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17 दिनों बाद भी नहीं बनी कमेटी
29 अप्रैल को उन्होंने विभागीय बैठक में कमेटी बनाने का निर्देश दिया था. उन्होंने 29 अप्रैल को न्यूज विंग से बात करते हुए कहा था कि मैंने आकलन किया है कि दूसरे राज्यों ने ट्रांसपोर्टेशन फीस सहित दूसरे तरह की फीस छोड़ने को कहा है. लेकिन मेरे आकलन के मुताबिक, ट्यूशन फीस ही महत्वपूर्ण है.
दूसरे तरह की फीस काफी कम है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के मुताबिक, जिस कमेटी को लॉकडाउन की अवधि की फीस निर्धारित करनी थी वह कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बननी थी. कमेटी में योजना सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव तथा आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव सदस्य होंगे. पर यह कमेटी अब तक अस्तित्व में नहीं आ पायी है.
निजी स्कूल अब भी मांग रहे फीस
निजी स्कूल की ओर से अब तो तीन महीने की फीस मांगी जा रही है. शहर के कई सीबीएसई और आइसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने अभिभावकों से मार्च से मई महीने तक की फीस मांगी है. अभिभावक बच्चे के भविष्य को देखते हुए फीस जमा भी कर रहे हैं.
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लगभग दो महीने होने जा रहे हैं, पर शिक्षा विभाग की ओर से किसी तरह का कोई आदेश नहीं आने से अभिभावक निराश हैं. कई अभिभावकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि हम शिक्षा विभाग के आदेश के इंतजार में बच्चे के भविष्य के साथ नहीं खेल सकते हैं. अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के कई बार आदेश के बाद उम्मीद थी कि फीस को लेकर कुछ न कुछ आदेश आयेगा.
कई राज्य ले चुके हैं निर्णय
गौरतलब है कि लॉकडाउन की अवधि में फीस नहीं लेने पर देश के कई राज्यों ने निर्णय ले लिया है. हरियाणा सरकार ने निजी स्कूलों को केवल ट्यूशन फीस ही लेने को कहा है. पर वे ट्यूशन फीस में बढ़ोत्तरी नहीं कर सकते हैं. इसी तरह गुजरात में अभिभावक अपनी सुविधानुसार मार्च से मई माह तक की फीस अगले छह महीने में देंगे. दिल्ली में निजी स्कूल केवल ट्यूशन फीस ही लेंगे. यहां निजी स्कूल न फीस बढ़ायेंगे और न ही किसी स्टूडेंट्स को क्लास से वंचित करेंगे.
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