
Manoj Dutta Dev
Latehar : लातेहार जिले के कुल 15 अपराधियों के खिलाफ झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम 2002 की धारा 3{3} (ख) लगाने की तैयारी की जा रही है . आगामी विधानसभा चुनाव की देखते हुए लातेहार जिला प्रशासन ने अपराधियों पर अंकुश कसना शुरू कर दिया है . जिले के कुल 15 अपराधियों की सूची पुलिस ने तैयार करके जिला प्रशासन को प्रेषित किया है . प्रभारी उप समाहर्ता विधि शाखा ने इन नमित अपराध कर्मियों के खिलाफ सीसीए की तैयारियां शुरु कर दी है .
लातेहार के इन अपराधियों में शंभू कुमार पासवान, पिता से सेवधारी पासवान ग्राम मनिका, विशाल कुमार पासवान, पिता अर्जुन पासवान ग्राम मनिका, बैजनाथ पासवान पिता हुलास पासवान ग्राम मनिका, मुंशी साहू पिता धारी साहू ग्राम गाड़ी, नीरज सिंह पिता सुनील सिंह, ग्राम बिशुनपुर, बन्ना सिंह पिता नंद किशोर सिंह ग्राम रेहल दाग, दिनेश सिंह उर्फ पंडित जी पिता मोहन सिंह ग्राम हौसीर शामिल हैं.
साथ ही खरीदन परतिया, पिता चैराहा टपरिया ग्राम सुकलकट्ठा, उषा परतिया, पिता नंदकिशोर परतिया, ग्राम सुकल कट्ठा, उपेंद्र सिंह, पिता स्वर्गीय रामजन्म सिंह उर्फ भगत सिंह, ग्राम रेहलदाग, अशोक गंजू पिता स्वर्गीय रतिया गंजू ग्राम अरधे, देवीलाल साहू पिता रामनारायण साव ग्राम चकला नवाटोली, शीतल साहू पिता दशरथ साहू ग्राम चकला, सूरज कुमार पिता कमल लोहरा ग्राम हिसरी तथा अशोक लोहरा पिता हरिलाल लोहरा ग्राम चीटर लोहारा टोली भी शामिल है .
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थाना में साप्ताहिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने की तैयारी
प्रशासन ने झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम 2002 की धारा 3 के तहत इन्हें प्रतिबंधित करते हुए थाना में साप्ताहिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने की तैयारी कर रखी है . बताया जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रशासन अपराधियों के खिलाफ नकेल कसने की पहली तैयारी सीसीए के रूप में की है. इन अपराधियों के खिलाफ सीसीए की कार्रवाई शुरू होने से जिले के अन्य अपराधियों में भी हड़कंप मचा हुआ है .
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आपराधिक गतिविधियों पर नजर
जिला प्रशासन ने अपराध कर्मियों के विरुद्ध आपराधिक गतिविधियों की तलाशी शुरू कर दी है , ताकि इनके विरुद्ध सीसीए की कार्रवाई तेज की जा सके . मालूम हो कि सीसीए के तहत नामित अपराध कर्मियों पर पुलिस की विशेष नजर होती है तथा इलाके में कोई भी आपराधिक घटना घटने पर सर्वप्रथम इनके विरुद्ध जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी जाती है.
एक ओर थाना में इनकी उपस्थिति से इन्हें अपराध से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है तो दूसरी तरफ जब तक सीसीएल प्रभावी रहता है वे अन्यत्र भागने को विवश होते हैं. जिला प्रशासन की मानें तो इन अपराध कर्मियों पर प्रावधान के तहत सभी आवश्यक कार्यवाही होने के उपरांत सीसीएल लगाया जा सकता है. हालांकि इनके विरुद्ध सीसीए लगाने के पहले इनकी आपराधिक छवि को खंगालना आवश्यक होगा. सीसीए के प्रावधान के तहत इन अपराध कर्मियों के आपराधिक इतिहास का भी पता लगाना आवश्यक होगा .
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