
Ranchi: साहिबगंज डीएमओ विभूति कुमार पंकज मिश्रा से मिलने रिम्स पहुंचे थे. रिम्स से मिले सीसीटीवी फुटेज में इसका खुलासा हुआ है. ईडी ने फुटेज में डीएमओ की पहचान की है. न्यायिक हिरासत में रहते पंकज मिश्रा रिम्स में इलाजरत थे. डीएमओ विभूति कुमार के अलावे साहिबगंज डीसी सहित अन्य अधिकारी भी है. रिम्स के पेइंग वार्ड के सीसीटीवी फुटेज में डीएमओ विभूति कुमार पंकज मिश्रा की पेइंग वार्ड में टहलते देखा गया है. ईडी को जांच के दौरान पता चला है कि डीएमओ विभूति कुमार पंकज मिश्रा के निर्देश पर काम करते थे. ईडी साहिबगंज डीएमो विभूति कुमार सहित अन्य जिलों के डीएमओ के खिलाफ झारखंड सरकार से कार्रवाई का अनुरोध किया है. ईडी अवैध खनन के लिए पंकज मिश्रा के साथ विभूति कुमार और अन्य को तलब कर सकती है. पंईग वार्ड में भर्ती पंकज मिश्रा रिम्स में रहने के दौरान कई अधिकारी और प्रभावशाली लोगों सहित अन्य लोगों को कुल 300 फोन कॉल किए थे. पंकज मिश्रआ के दो सहयोगियों चंदन यादव और सूरज पंडित को पंकज मिश्रा को मोबाइल उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था. ईडी ने दावा किया कि न्यायिक हिरासत में पंकज मिश्रा ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बाधा डालने की कोशिश की. रिम्स में बंद पंकज मिश्रा ने साहिबगंज डीएसपी राजेंद्र दुबे, विभूति कुमार समेत कई लोगों से मुलाकात की. ईडी ने हाल ही में राजेंद्र दुबे को तलब किया था और उनसे एक गंभीर अपराध के आरोपी से बिना अनुमति के मुलाकात करने का कारण बताने को कहा था. ईडी ने दावा किया कि डीएसपी ने मनी लॉन्ड्रिंग में पंकज मिश्रा की मदद की थी.
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