
NewDelhi : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले तीन साल में रिकॉर्ड 33,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की और धन शोधन से जुड़ी जांच में 390 आरोप पत्र दाखिल कर एक रिकार्ड कायम किया है. ऐसा रविवार को सेवानिवृत्त हुए ईडी प्रमुख करनैल सिंह के कार्यकाल में हुआ है. ईडी अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार करनैल सिंह को धन शोधन, विदेशी मुद्रा उल्लंघन और भ्रष्टाचार के कुछ अहम मामलों में तेजी से जांच करने का श्रेय जाता है. इनमें अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामला, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लांड्रिग का मामला, राजनीतिक रूप से संवेदनशील स्टरलिंग बायोटेक, विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की बैंकों के साथ धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल है. इसके अलावा इसमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला घोटाले की जांच भी शामिल है
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2005 से 2015 के बीच 10 वर्ष में यह आंकड़ा महज 9,003 करोड़ रुपये था
अधिकारियों के अनुसार पिछले तीन वर्ष के दौरान मामले पंजीकृत करने, संपत्ति जब्त करने और आरोपपत्र दाखिल करने में जबरदस्त तेजी दर्ज की गयी है. बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने 2015 से अब तक 33,563 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्की की है. जान लें कि 2005 से 2015 के बीच 10 वर्ष में यह आंकड़ा महज 9,003 करोड़ रुपये था. इन तीन सालों के दौरान 390 आरोप पत्र या अभियोजन शिकायतें दाखिल की गयी. इसकी तुलना में पिछले 10 वर्ष में सिर्फ 173 आरोप पत्र दाखिल हुए. ईडी ने तीन साल में संपत्ति जब्त करने के लिए 565 अस्थायी आदेश जारी किये, जो पिछले 10 वर्ष में 492 थे.बता दें कि पिछले तीन वर्ष में एजेंसी के कर्मचारियों की संख्या 682 से बढ़कर लगभग 1,033 हो गयी.
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एसके मिश्रा ने सिंह की जगह ले ली है : भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी एसके मिश्रा ने करनैल सिंह की जगह ले ली है. बता दें कि सरकार ने शनिवार को मिश्रा को ईडी प्रमुख बनाने की घोषणा की थी. करनैल सिंह ने 2015 में प्रवर्तन निदेशालय का कार्यभार संभाला था.




