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जेटली ने पूछा, क्या इंदिरा और राजीव वहां जाते, जहां भारत तेरे टुकड़े होंगे…जैसे नारे लगाये जाते?  

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इंडिया आइडिया कॉन्क्लेव में कांग्रेस से पूछा कि क्या इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ऐसे कार्यक्रम में जाते जहां भारत तेरे टुकड़े होंगे...जैसे नारे लगाये जाते?

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NewDelhi : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इंडिया आइडिया कॉन्क्लेव में कांग्रेस से पूछा कि क्या इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ऐसे कार्यक्रम में जाते जहां भारत तेरे टुकड़े होंगे…जैसे नारे लगाये जाते? इस क्रम में इस सवाल का खुद जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि वे हरगिज वहां नहीं जाते. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अरुण जेटली ने कहा कि मूल्यों के पतन, निजी हित और महात्वाकांक्षा के कारण कांग्रेस पार्टी अब ऐसा करने को विवश हो गयी है.  वित्त मंत्री ने कहा, क्या मिसेज इंदिरा गांधी और राजीव गांधी कभी भी ऐसे जमावड़े में जाते जहां भारत के टुकड़े टुकड़े जैसे नारे लगाये जाते, निश्चित रूप से नहीं. बता दें 2016 में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पार्टी के दूसरे नेताओं के साथ जेएनयू छात्रों की एक मीटिंग में आये थे.

देशद्रोह के आरोप में तत्कालीन जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के बाद उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग को लेकर ये मीटिंग जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों ने की थी. कन्हैया कुमार पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी में जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने का आरोप लगा था.

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वाजपेयी की विचारधारा नेहरू से अलग थी फिर भी वे उनका बेहद आदर करते थे

इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ करते हुए जेटली ने कहा कि वे ऐसे शख्स थे जिनकी विचारधारा नेहरू से अलग थी फिर भी वाजपेयी उनका बेहद आदर करते थे. कहा कि उनके ख्याल से वाजपेयी जी का एकमात्र सबसे अच्छा भाषण वह है जो उन्होंने मई 1964 में संसद में दिया था, उस समय वाजपेयी जी जनसंघ के 38 साल के सांसद थे, वे नेहरू को श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े हुए थे, मेरे विचार से आजाद भारत में इस तरह का श्रेष्ठ भाषण पहले नहीं सुना गया था. जेटली ने कांग्रेस को याद दिलाते हुए कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि जो पंडित जी की राजनीतिक विरासत संभालने का दावा करते हैं, यदि उनमें पढ़ने की जरा सी भी ललक है, तो वे निश्चित रूप से वाजपेयी का श्रद्धांजलि भाषण पढ़ेंगे.  साथ ही वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि कश्मीर के लोगों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अलगाववादियों के साथ नहीं सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए,. जेटली ने कहा, मेरा मानना है कि यह अत्यंत आवश्यक है कि इस लड़ाई में कश्मीरी लोग हमारी ओर होने चाहिए.

कहा कि यह लड़ाई संप्रभुता के लिए अलगाववादियों और आतंकवादियों के खिलाफ है और हल भी लोगों के पास है.  उन्होंने कहा कि उन्हें अलगाववादियों के लिए एक वैकल्पिक संवाद की रूपरेखा बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से वे उस जिम्मेदारी से दूर रहते हैं. इसलिए यह एक ऐसी लड़ाई है जिसमें भारत को जीतना है और मेरे दिमाग में इसको लेकर कोई संदेह नहीं कि हम अंत में इसमें सफल होंगे.

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