
Ranchi : राजधानी में ई-रिक्शा चालकों के काटे जा रहे अत्यधिक चालान के विरोध में सोमवार को निगम परिसर के बाहर रांची जिला रिक्शा, ई;रिक्शा एवं ठेला मजदूर संघ ने धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान संघ से जुड़े लोग नगर आयुक्त से मिलने और उन्हें मांगपत्र सौंपे जाने पर अड़े रहे. इन मांगपत्र में सबसे महत्वपूर्ण मांग शहर में ई-रिक्शा को बिना रूट पास के चलने देना है. संघ से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि गरीबी के कारण ही वे ई-रिक्शा चलाने को विवश हैं. जिस तरह से रांची नगर निगम की एन्फोर्समेंट टीम और यातायात पुलिस एक बड़ी राशि चालन के रूप में काट रही हैं, उससे उनपर एक बड़ा बोझ पड़ रहा है. इसलिए संघ ने फैसला किया है कि रांची नगर आयुक्त को मांगपत्र को सौंप पूरी स्थिति से अवगत कराया जाये. मुलाकात के दौरान नगर आयुक्त ने इन लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही इस पर कोई उचित निर्णय लेंगे.
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दोहरी मार से परेशान हैं ई-रिक्शा चालक : संघ
संघ से जुड़े ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि इन दिनों निगम की एन्फोर्समेंट टीम और यातायात पुलिस के कारण उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. रांची में इन दिनों करीब 7000 ई-रिक्शा चालक लोन लेकर ई-रिक्शा चला रहे हैं. जबकि निगम ने अब तक केवल 900 ई-रिक्शा को ही रूट पास जारी किया है. ऐसे में अगर कोई ई-रिक्शा चालक बिना रूट पास के परिचालन करते हुए पकड़ा जाता है, तो निगम और यातायात कानून के तहत पहली बार में 3000, दूसरी में 5,000 तथा तीसरी में 10,000, चौथी में 20,000 और पांचवीं बार में 25,000 रुपये चालान काटा जाता है. इतनी राशि काटे जाने के बाद गरीब चालकों के पास क्या राशि बचती होगी, यह सोचा जा सकता है. दूसरी तरफ कई बार ऐसा भी होता है कि एक ही दिन यातायात थाना और निगम की एन्फोर्समेंट टीम एक ही ई-रिक्शा चालक पर गलत परिचालन का आरोप लगाकर चालान काट देते हैं, जिससे चालकों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है.
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नगर आयुक्त को सौंपा मांगपत्र
घरना-प्रदर्शन करनेवाले इन ई-रिक्शा चालकों ने नगर आयुक्त को निम्न मांगें सौंपी हैं-
- ई-रिक्शा का रूट पास और गलत रूट पर चलने पर 3000 से 25000 रुपये के फाइन को खत्म किया जाये.
- ई-रिक्शा को रिक्शा की श्रेणी में रखा जाये.
- ई-रिक्शा को रिक्शा की तरह निगम द्वारा सालना टोकन काटा जाये और ई-रिक्शा को रिक्शा की तरह बिल्ला नंबर दिया जाये.
- ई-रिक्शा को पूरे रांची शहर में बिना रूट पास के चलने की अनुमति दी जाये.
- ई-रिक्शा को निगम द्वारा सिविल ड्रेस पर पकड़ना बंद किया जाये.
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ट्रैफिक एसपी से मिल करेंगे बात : नगर आयुक्त
संघ से जुड़े लोगों ने न्यूज विंग को बताया कि नगर आयुक्त ने आश्वसन दिया है कि ट्रैफिक एसपी से बात कर वह गलत तरीके से चालान काटे जाने पर बात करेंगे. वहीं, मेयर, डिप्टी मेयर से मुलाकात कर पूरे मामले पर उचित निर्णय लेंगे.
रूट पास करना जरूरी, नहीं तो यातायात व्यवस्था में होगी परेशानी : नोडल ऑफिसर
बड़ी राशि चालान के रूप में काटे जाने के सवाल पर एन्फोर्समेंट टीम के नोडल ऑफिसर व सिटी मैनेजर सौरभ कुमार वर्मा का कहना है कि निगम ने यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाये रखने के लिए ही रूट पास का निर्धारण किया हुआ है. ऐसा नहीं करने पर ई-रिक्शा चालक मनमानी करने लगेंगे. इससे यातायात व्यवस्था को लेकर काफी परेशानी उत्पन्न हो सकती है.




