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सभी सिटी मैनेजरों का वेतन बंद करना गलत, संबंधित लोगों पर होगी कार्रवाई : आशीष सिंहमार

Ranchi : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य नगर निगमों में कार्यरत सिटी मैनेजरों की वेतन राशि कटौती का मामला अब तूल पकड़ते जा रहा है. राशि कटौती करने के कारण इन सिटी मैनेजरों में विभाग को लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है. दूसरी ओर नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक आशीष सिंहमार ने इस पूरे मामले पर न्यूज विंग से बातचीत में बताया है कि सभी सिटी मैनेजरों के वेतन में कटौती करना गलत है. अगर कार्रवाई की जानी है, तो वैसे ही सिटी मैनेजरों पर की जायेगी, जो संबंधित विभाग को देख रहे हैं. हालांकि, योजना की प्रगति को लेकर इस प्रशासनिक अधिकारी ने भी अपनी नाराजगी जतायी है.

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मालूम हो कि योजना निर्माण कार्य में लक्ष्य के अनुरूप गति न होने के कारण राज्य के सभी नगर निगमों में कार्यरत सभी सिटी मैनेजरों के वेतन में से 10 प्रतिशत राशि की कटौती की गयी है. इस पर सिटी मैनेजरों का कहना है कि योजना में देरी होने का एक प्रमुख कारण राज्य को मिलनेवाली पहले किस्त की राशि (करीब 700 करोड़ रुपये) को रोका जाना भी हो सकता है. कुछ सिटी मैनेजरों ने यह भी कहकर अपनी नाराजगी जतायी है कि जब वे निगम के तहत अन्य कार्यों को देख रहे हैं, तो उनके वेतन में कटौती क्यों की गयी. इसके लिए वे जल्द ही अपने ऊपर के विभाग से मिलकर अपनी बात रखेंगे.

योजना की धीमी गति पर कटी राशि

नगर विकास विभाग का कहना है कि राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 50 प्रतिशत घरों का काम भी पूरा नहीं हुआ है. योजना निर्माण की प्रगति का आकलन अगर केवल रांची शहर का ही किया जाये, तो जून 2018 तक 9077 घरों का निर्माण किया जाना था, लेकिन अब तक  केवल 3675 घरों (40.49 प्रतिशत) का ही निर्माण किया जा सका है. इसी धीमी गति को देखते हुए विभाग ने निगम में कार्यरत आठ सिटी मैनेजरों के वेतन में कटौती करने का निर्देश दिया है.

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सरकार फंड नहीं देती और वेतन कटे हमारा : सिटी मैनेजर

वेतन कटौती के मामले पर न्यूज विंग संवाददाता ने निगम में कार्यरत कुछ सिटी मैनेजरों से बातचीत की. नाम न लिखने की शर्त पर इनमें से कुछ ने बताया कि जब वे प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य देख ही नहीं रहे हैं, तो उनके वेतन में कटौती क्यों की गयी. जहां तक योजना की धीमी गति का सवाल है, तो वर्तमान या पूर्व में इस योजना से जुड़े सिटी मैनेजरों का वेतन काटा जाता. लेकिन, ऐसा न कर सभी के वेतन में कटौती कर दी गयी, जो कि न्यायसंगत नहीं है. इन्हीं सिटी मैनेजरों में से एक ने तो यहां तक कहा कि हाल में केंद्र सरकार ने योजना में अपने हिस्से की राशि जमा नहीं की है. इसके पीछे केंद्र का तर्क है कि राज्य सरकार ने अपने हिस्से की राशि अब तक योजना में जमा नहीं की है. यानी सरकार फंड नहीं दे रही है और वेतन हमारा काटा जा रहा है.

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अन्य का वेतन काटा जाना गलत, किया जायेगा वापस : आशीष सिंहमार

नगर विकास विभाग के नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक आशीष सिंहमार का कहना है कि योजना की धीमी गति पर सभी सिटी मैनेजरों का वेतन काटा जाना गलत है. यह उनकी जानकारी में नहीं है. अगर वेतन में कटौती करनी ही थी, तो योजना का कार्य देख रहे संबंधित सिटी मैनेजरों के वेतन में कटौती होती. अब जब ऐसा हो गया है, तो उनके कटे वेतन को जल्द ही उनके अकाउंट में वापस किया जायेगा. नगर विभाग विकास के इस फैसले पर सिटी मैनेजरों में नाराजगी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि निगम के इन्हीं सिटी मैनेजरों की लापरवाही से आज योजना की ऐसी स्थिति बनी है. योजना से जुड़े कई पहुलओं के गिरते प्रदर्शन पर ही वेतन कटौती की गयी है.

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वर्तमान में रांची नगर निगम में ये अधिकारी जुड़े हैं PMAY से

मालूम हो कि इन दिनों रांची नगर निगम में ये सिटी मैनेजर और कर्मचारी प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य देख रहे हैं-

  • विजेंद्र कुमार ( सिटी मैनेजर, टीम लीडर)
  • मो. अयाज आलम (सिटी मैनेजर)
  • अंबुज कुमार (सिटी मैनेजर)
  • मृत्युंजय पांडेय (सिटी मैनेजर)

इनके अलावा निगम के ये कर्मचारी भी योजना का कार्य देख रहे हैं-

  • निर्मल कुमार दास (प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग स्पेशलिस्ट)
  • अमित कुमार (जीआईएस स्पेशलिस्ट)
  • नंद लाल बड़ाईक (सिटी मिशन मैनेजर)
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