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कोनार डैम विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करे डीवीसी प्रबंधन : कौशल

Gomia : कोनार डैम के विस्थापितों ने एकीकृत विस्थापित संघर्ष युवा मोर्चा के बैनर 18 सूत्री मांगों के समर्थन में डीवीसी कार्यालय पहुंच कर वार्ता की. वार्ता में शामिल होने गोमिया प्रखंड के सुदुर्वर्ती हुरलुंग, चतराचट्टी, लोधी, बड़की सीधाबारा, चुट्टे, कर्री खुर्द, बड़की चिदरी, जमनीजारा आदि गांव के सैकड़ों युवाओं ने जुलूस निकाली. विस्थापित संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने अपनी मांग परियोजना पदाधिकारी आरके सिन्हा के समक्ष रखी. जिसके निराकरण के लिए सकारात्मक पहल करने का आश्वासन मिला.

ये है कोनार डैम विस्‍थापितों की मांग

वार्ता के क्रम में विस्थापितों की तरफ से अध्यक्ष कौशल कुमार महतो ने कहा कि डीवीसी प्रबंधन वर्षों से स्थानीय विस्थापितों को नियोजन, नियोजन में आरक्षण, मुआवजा व पुनर्वास के मसले पर टालमटोल कर रहा हैं. इससे विस्थापित खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विस्थापितों की मांगे रही है कि उन्हें डीवीसी के सीएसआर फंड से क्षेत्र मे मुफ्त बिजली, सिंचाई, पेयजल, शिक्षा की सुविधा, नियोजन, पक्की सड़क, प्रत्येक पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र, डीवीसी द्वारा वन टाइम पट्टा का मालिकाना हक भी भी डीएसी को समाप्त करना, स्थानीय एवं विस्थापित समिति को डीवीसी द्वारा किया गया कार्य समिति की बैठक में शामिल करना, प्रत्येक पंचायत में हाइस्कूल की व्यवस्था करना, स्किल डेवलपमेंट कार्याशाला को पंचायत स्तर पर मुहैया कराना, डीवीसी उच्च विद्यालय को महाविद्यालय में प्रोन्नत करना, सात पंचायत के अंतर्गत महिला मंडल को रोजगार के लिए पंचायत स्तर से प्रशिक्षण मुहैया कराना, सभी विद्यालय में खेल कूद की सामग्री उपलब्ध कराना, प्रत्येक वर्ष प्रत्येक पंचायत में सोलर लाइट मुहैया कराना, प्रत्येक वर्ष पंचायत स्तरीय शिक्षा एवं खेल सामग्री के साथ प्रतियोगिता करवाना समेत अन्य मांगें शामिल है.

मांगें नहीं मानी गयी तो अनिश्चितकालीन अनशन

उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों मे कहा कि डीवीसी प्रबंधन यदि विस्थापितों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है तो अनिश्चितकालीन अनशन किया जायेगा. परियोजना पदाधिकारी सिन्हा ने 18 सूत्री मांगों में 10 मांगें तत्काल धरातल पर दिखाने का आश्वासन दिया. वहीं अन्य मांगों की स्वीकृति हेतु डीवीसी हेड ऑफिस कोलकाता भेजे जाने की बात कही. उन्होंने कहा की अन्य मांगों पर जैसे ही कोलकाता से स्वीकृति होती है, तत्काल उन्हें भी लागू किया जायेगा. मौके पर एकीकृत विस्थापित संघर्ष युवा मोर्चा के सचिव दिलीप कुमार, कोषाध्यक्ष नारायण कुमार, संगठन मंत्री मुकेश कुमार महतो, बबन कुमार सिंह आदि मौजूद थे.

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