Opinion

हो गया न भूमिपूजन! अब मोदी सरकार को बताना चाहिये, मिडिल क्लास के लिये क्या सोचा है ?

Girish Malviya

राम मंदिर निर्माण के लिये भूमि पूजन का कार्य 5 अगस्त को समाप्त हो गया है. पर, कोरोना अभी भी है. इसके प्रभाव में पूरी अर्थव्यवस्था है. रोजगार खत्म हो गये हैं. मिडिल क्लास की आमदनी खत्म हो गयी है. नौकरीपेशा मिडिल क्लास लोगों की आमदनी या तो कम हो गयी है या फिर बढ़ी ही नहीं है. जबकि महंगाई बढ़ती जा रही है. मोदी सरकार ने इस संकट के वक्त अब तक मिडिल क्लास के लिये कुछ भी नहीं किया है.

दुनिया भर की सरकारें मिडिल क्लास के लिये बहुत कुछ कर रही है. ऐसे में अब सरकार से यह पूछना चाहिये कि उसने मिडिल क्लास के लिये क्या सोचा है. और सरकार को भी बताना चाहिये कि उन्होंने मिडिल क्लास को राहत देने के लिये क्या तैयारी की है.

इसे भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर के नये उपराज्यपाल नियुक्त, मनोज सिन्हा को मिली जिम्मेदारी

नीचे पढ़िये, दुनिया भर की बड़ी अर्थव्यवस्था वाली सरकारों ने मिडिल क्लास के लिये क्या-क्या किया है. ताकि मिडिल क्लास इस संकट से उबर सके और बाजार में भी तेजी आये. तभी आर्थिक संकट से भी देश निकल पायेगा.

– ब्रिटेन के बोरिस जॉनसन ने पूरे ब्रिटेन में एक योजना शुरू की है जिसके तहत वो लोगों को रेस्त्रां, कैफे और पब में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे है. इस योजना में पूरे ब्रिटेन के करीब 72 हजार खाने-पीन की जगहों पर अगस्त के महीने में सोमवार से बुधवार तक कीमत में 50 फीसद की छूट दी जाएगी. उनकी सरकार ने मौजूदा संकट की अवधि में व्यवसायों को नकदी सहायता और खुदरा व हॉस्पिटेलिटी बिजनेस के लिए 12 महीनों तक व्यावसायिक दरों में छूट देने की है. पैकेज के तहत छोटे उद्योगों को 9 लाख रुपये से लेकर 23 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी. वहीं, जिन उद्योगों को नकदी की जरूरत है, उन्‍हें सीधे मदद दी जाएगी.

इसे भी पढ़ें- Corona Update : झारखंड में बुधवार को कुल 980 मरीज मिले, सीएम हाउस के 22 लोग भी कोरोना पॉजिटिव

– चीन के सर्वेसर्वा जिंगपिंग ने इसी 26 जुलाई को महामारी की स्थिति बेहतर होने के बाद 15 लाख उपभोग कूपन जारी किये हैं. उन कूपन में 10 लाख ऑफलाइन भोजन व खरीदारी कूपन और 5 लाख स्मार्ट उत्पाद कूपन शामिल हैं. पहले भी वह इस तरह के कूपन जारी कर चुके हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने मार्च में ही नागरिकों की आर्थिक मदद के लिए 151 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा कर दी थी. इसके तहत सरकार ने 25,000 करोड़ डॉलर का फंड ऐसे लोगों के लिए रखा, जिनकी नौकरी संक्रमण काल में चली गयी है या जिनका रोजगार प्रभावित हुआ है. ऐसे लोगों को अगले 4 महीने तक सरकार वेतन भुगतान करेगी. सरकार ऐसे लोगों तक सीधे चेक भेजेगी. इसके अलावा साल में 75 हजार डॉलर या इससे कम कमाई करने वालों को 1200 डॉलर (करीब 90 हजार रुपये) की आर्थिक मदद की घोषणा की गयी. वहीं, 1,50,000 डॉलर सालाना कमाने वाले दंपत्ति को 2400 डॉलर का सहयोग दिय गया. साथ ही हर बच्चे के लिए 500 डॉलर अलग से दिये गये. ट्रंप ने छोटी कंपनियों का कारोबार बंद होने से बचाने के लिए 35 हजार करोड़ डॉलर का इमरजेंसी लोन फंड की घोषणा की. यानी 500 कर्मचारियों से कम वाली कंपनियों के लोन माफ कर दिए जाएंगे. साथ ही 25,000 करोड़ डॉलर का फंड एम्प्लॉयमेंट इंश्योरेंस बेनिफिट के तौर पर जारी किया जाएगा. वहीं, 50 हजार करोड़ डॉलर का फंड संकटग्रस्त कंपनियों को लोन के तौर पर दिया जाएगा.

इसे भी पढ़ें- अहमदाबाद में Covid अस्पताल में लगी आग, 8 मरीजों की मौत

– कनाडा के पीएम ट्रूडो ने नौकरी खोने वाले हर व्‍यक्ति को 1.51 लाख रुपये हर महीने देने की बात कही. कनाडा सरकार बेराजगार हुए लोगों को अगले 4 महीने तक ये राशि देगी. वहीं, इटली में सेल्‍फ एम्‍प्‍लॉयड और कामगारों के लिए 50000 रुपये दिए जाएंगे. यहां बेबीसिटर रखने के लिए अलग से 50 हजार रुपये का बाउचर भी दिया गया. इटली सरकार ने 28 अरब डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा की थी.

– जापान ने 19.6 अरब डॉलर का फंड कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए घोषित किया है. इसके तहत जिन लोगों का वेतन कम हुआ है, उन्‍हें 2.12 लाख रुपये कैश दिया जाएगा. साथ ही मेडिकल जरूरतों के दौरान सरकार लोगों की मदद करेगी.

अब बताइये, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपने हम मध्यवर्ग के लोगो के लिए क्या किया ? जो बिजली का बिल और GST जैसा टैक्स चुका-चुका कर औंधे हुए जा रहे है. यह एक साफ-सुथरा प्रश्न है. जिसका जवाब मिडिल क्लास को पूछना चाहिये.

डिस्क्लेमरः ये लेखक के निजी विचार हैं.

7 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button