Ranchi: झारखंड का मॉनसून सत्र भी हंगामे के भेंट चढ़ने वाला है. पांच दिनों के मॉनसून सत्र के दौरान सिर्फ तीन दिन ही कार्य दिवस है. 18 सितंबर को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही दूसरे कार्य दिवस तक के लिए खत्म कर दी जाएगी. 19 और 20 सितंबर को अवकाश है. सोमवार यानी 21 सितंबर को सदन की कार्यवाही शुरू होगी. बीजेपी को अपनी बात रखने के लिए यह दिन सबसे माकूल होगा.
लिहाजा बीजेपी सदन के नेता प्रतिपक्ष को लेकर हंगामा करेगी. जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो सकती है. बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी हर हाल में अपनी बात को सदन में मजबूती से रखने की कोशिश करेगी. लेकिन सत्ता पक्ष के विधायक मांग को कानून और विधानसभा की प्रक्रिया का हवाला देकर टालने की कोशिश करेंगे. हालांकि बीजेपी ने अभी तक अपने विरोध करने का स्वरूप तैयार नहीं किया है. बीजेपी के शीर्ष नेता इसपर विचार विमर्श कर रहे हैं.
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विधानसभा अध्यक्ष ने दल-बदल को लेकर दिया है नोटिस
2019 के विधानसभा के चुनाव के बाद से ही सदन में नेता प्रतिपक्ष को लेकर माहौल गर्म है. बीजेपी का कहना है कि जेवीएम का विलय बीजेपी में हो चुका है. जिसकी मंजूरी चुनाव आयोग की तरफ से भी दे दी गयी है. वहीं विधानसभा अध्यक्ष दल-बदल के मामले को लेकर जेवीएम के तीनों विधायक बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को नोटिस जारी किया है. 17 सितंबर तक नोटिस का जवाब देने को कहा गया है.
बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाने की मांग को लेकर भाजपा लगातार विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो पर दबाव बना रही थी. बजट सत्र में सदन को लंबे समय तक बाधित रखने के अलावा राजभवन से भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप की गुहार भाजपा ने लगायी थी. राजभवन ने विधानसभा अध्यक्ष को बुलावा भी भेजा था. स्पीकर ने राज्यपाल के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष भी रखा था.
अब तक पूरे प्रकरण में भाजपा की दबाव की रणनीति भारी पड़ती दिख रही थी. लेकिन स्पीकर के इस नये दांव ने फिलहाल उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, क्योंकि विषय ही बदल गया है. अब बाबूलाल मरांडी और उनकी पार्टी का भाजपा में विलय कितना सही है, न्यायाधिकरण में सुनवाई इस पर होगी. ऐसी स्थिति में बाबूलाल के नेता प्रतिपक्ष बनने का मामला तो स्वत: ठंडे बस्ते में चला गया. बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष ने तीनों विधायकों को दल बदल कानून के तहत 17 सितंबर तक अपना पक्ष रखने को कहा है.
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