
Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से ली गयी सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम इन दिनों काफी चर्चा में है. प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों की आशंका को लेकर हर दिन कई तरह के खुलासे सामने आ रहे हैं. परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए उम्मीदवारों की ओर से आंदोलन किया जा रहा है. वहीं उम्मीदवारों के द्वारा कई तरह के खुलासे किये जा रहे हैं. साथ ही सबूत पेश किये जा रहे हैं जो यह बता रहे हैं कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ियां हुई हैं.
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चरणबद्ध आंदोलन की प्रक्रिया के बीच 2 दिन पहले आयोग की ओर से पत्र जारी कर उम्मीदवारों को अपना ओएमआर लेकर आयोग उपस्थित होने को कहा गया था. इस आदेश के बाद आयोग की ओर से क्लेरिफिकेशन जारी किया गया है. इस क्लेरिफिकेशन में आयोग ने माना है कि 1 नवंबर तक 57 कैंडिडेट ऐसे थे जिनके ओएमआर आयोग के पास नहीं थे. इस वजह से इनका परिणाम जारी नहीं हो सका. आयोग ने अपनी सूचना में कहा है कि इसमें उम्मीदवारों की कोई गलती नहीं है. आयोग को 57 कैंडिडेट ने अपनी उपस्थिति का साक्ष्य प्रस्तुत किया. जिसके बाद आयोग ने 49 उम्मीदवारों का परिणाम जारी किया.
8 कैंडिडेट जो आयोग को अपने उपस्थित होने का प्रमाण नहीं दे पाये, उन्हें क्वालीफाई नहीं घोषित किया गया है. आयोग ने कहा है कि जिन 49 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है, उन्हें कट ऑफ के अनुसार ही क्वालीफाई घोषित किया गया है.
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बताते चलें कि सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए 535521 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. जिसमें तकरीबन 369327 उम्मीदवारों का एडमिट कार्ड जारी किया गया. उनमें से 249650 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए हैं. इन उम्मीदवारों का परीक्षा लेने के लिए तकरीबन 500000 ओएमआर शीट मंगवाये गये थे. यह संख्या अभी तक किसी भी सिविल सेवा परीक्षा जो झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से ली गयी है उससे 5 गुना ज्यादा है.




