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धनबाद : एक ही छत के नीचे चलता है दवाखाना और मयखाना, परेशान हैं लोग

Bidut Verma 

Dhanbad : जब कोई बीमार पड़ता है तो लोग कहते हैं कि दवा-दारू क्यों नहीं करवाते. लोग इसे कहावत में ही लेते हैं. लेकिन धनबाद के गोविंदपुर में यह कहावत सच साबित हो रही है. यहां एक ही छत के नीचे दवा और दारू दोनों बिक रही है. सोशल मीडिया में इन दिनों यह तस्वीर वायरल हो रही है.

मामला गोविंदपुर के लाल बाजार का है. जीटी रोड के किनारे बने मार्केट में लोग आसानी से एक ही छत के नीचे चल रहे दवाखाना और मयखाना के दृश्य को देख सकते हैं. ऊपर लाइफ लाइन नाम का हॉस्पिटल चल रहा है और नीचे है शराब की दुकान.

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इतना ही नहीं, शराब दुकान के ठीक बगल में ही एक दवा की भी दुकान है. हमने इस संबंध में शराब दुकानदार से बात की. दुकानदार ने बताया कि सरकार ने हमें इस बात की इजाजत दी है, इसलिए यहां शराब बेच रहे हैं.

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हीरापुर में भी एक ही छत के नीचे चलते हैं मयखाना और दवाखाना

दूसरा मामला हीरापुर के चीरागोड़ा का है. यहां भी एक ही छत के नीचे दवाखाना और मयखाना चल रहा है. चिरागोड़ा में अंग्रेजी विदेशी शराब की दुकान के ठीक बगल में ही शांति मेडिकल्स नाम की दुकान चल रही है. वैसे यहां बुक व स्टेशनरी स्टोर्स भी शराब दुकान के नजदीक में ही हैं. लेकिन शराब दुकान और दवा दुकान दोनों ठीक अगल-बगल में है.

इस बारे में लोगों का कहना है कि दवा दुकान पर हर तरह के लोगों का आना-जाना होता है. लेकिन बगल में शराब दुकान रहने के कारण महिलाओं व युवतियों को अधिक परेशानी होती है. अब सवाल यह उठता है कि आखिर एक ही छत के नीचे दवा और दारू बेचने की इजाजत किसने दे दी.

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नोटिस के बाद भी नहीं हटायी जा रही है दुकान

न्यूजविंग इसी मामले को लेकर उत्पाद विभाग के पास गया. हमने उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त राकेश कुमार से इस मामले में बात की. उन्होंने कहा कि इस मामले में उत्पाद विभाग की ओर से दुकानदार को नोटिस दिया गया है. लेकिन नोटिस देने के बाद भी वह दुकान वहां से खाली नहीं कर रहा है.

आगे की कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जा रहा है. दूसरी ओर लाइफ लाइन हॉस्पिटल में इलाज कराने आये मरीज और उनके परिजनों का कहना है कि यहां शराब की दुकान रहने से हम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

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