JharkhandMain SliderRanchi

#JharkhandAssembly उद्घाटन में नेता प्रतिपक्ष का नाम नहीं, जेएमएम ने विधायकों को विशेष सत्र में ना जाने को कहा!

विज्ञापन

Nitesh Ojha

Ranchi: विधानसभा उद्घाटन को लेकर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी जेएमएम के बीच तकरार चरम पर है. तकरार की शुरुआत उद्घाटन के लिए छपे वीवीआईपी कार्ड को लेकर है. जेएमएम का मानना है कि एक लोकतांत्रिक संरचना के तहत उद्घाटन कार्ड पर नेता विपक्ष का नाम जरूर होना चाहिए.

पार्टी का मानना है कि विधानसभा में सत्ताधारी पार्टी की भूमिका उतनी ही होती है, जितनी विपक्ष की. ऐसे में उद्घाटन समारोह में उन्हें इग्नोर करना लोकतांत्रिक संरचना को इग्नोर करने जैसा है. ऐसे में अब विपक्ष अपने बगावती तेवर दिखाने के मूड में है.

advt

पार्टी के विश्नसनीय सूत्रों का कहना है कि शीर्ष पदाधिकारियों की तरफ से उन्हें फोन कर 13 सिंतबर को होने वाले विशेष सत्र में जाने से मना किया गया है. वहीं खबर यह भी आ रही है कि इस बात से जेएमएम के कई विधायक नाराज हैं. उनका कहना है कि पार्टी की तरफ से विशेष सत्र में जाने से रोकना ठीक नहीं है.

इस मामले पर न्यूज विंग ने जेएमएम के कुछ विधायकों से उनकी प्रतिक्रिया ली. कुछ को छोड़ कर विधायकों ने सीधे तौर पर विधानसभा उद्घाटन कार्यक्रम से नाराजगी की बात नहीं कबूली. सभी ने विशेष सत्र में ना जाने की बात पर अलग-अलग बयान दिया. जानिए किसने क्या कहा.

इसे भी पढ़ें – गठन के 19 साल बाद झारखंड को मिला नया विधानसभा भवन, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

कोल्हन में चल रहे बदलाव यात्रा में पार्टी नेता व्यस्त: निरल पूर्ति

मझगांव विधायक निरल पूर्ति का कहना है कि पार्टी नेतृत्व की तरफ से सत्र में नहीं जाने की बात विधायकों से की गयी है. उनका कहना है कि कोल्हान में पार्टी की बदलाव यात्रा चल रही है. जिसमें पार्टी के सभी नेता और विधायक व्यस्त हैं.

adv

इसे देख सत्र में भाग नहीं लेने का निर्देश मिला है. राज्य के लिए महत्वपूर्ण दिन होने के बावजूद पार्टी विधायकों का नये सत्र में भाग नहीं लेने के सवाल पर कहा कि नेतृत्व की तरफ से आदेश मिला है, तो इसपर वे क्या कह सकते हैं.

इसे भी पढ़ें – आंगनबाड़ी सेविकाओं को पीएम के कार्यक्रम में जाने से स्टेशन पर ही पुलिस ने रोका, नेत्री सुंदरी तिर्की लायी गयीं थाने

विस्थापितों को उचित पुर्नवास नहीं मिलना कारण: पौलिस सुरीन

तोरपा विधायक पौलिस सुरीन का कहना है कि पार्टी की ओर से विशेष सत्र में शामिल नहीं होने का निर्देश मिला है. जिस जमीन पर विधानसभा बनी है, वहां के विस्थापितों को अबतक उचित पुर्नवास नहीं किया गया है. ऐसे में झारखंड के आदिवासी-मूलवासियों की पार्टी कैसे शामिल हो सकती है.

इसे भी पढ़ें – #Newtrafficrules: चुनावी माहौल में जोखिम नहीं लेना चाहती महाराष्ट्र सरकार, गडकरी से अपील, कम करें जुर्माने की राशि

कार्ड में नेता प्रतिपक्ष का नाम नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण : दशरथ गगरई

खरसांवा विधायक दशरथ गगरई ने कहा कि विधानसभा सत्र में सरकार के भेजे कार्ड में नेता प्रतिपक्ष का नाम नहीं होना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. इसे देखकर ही पार्टी शीर्ष नेतृत्व के निर्देश के बाद सभी विधायकों ने विधानसभा उद्घाटन कार्यक्रम और शुक्रवार को सत्र का विरोध करने का फैसला किया है. दशरथ गगरई का कहना है कि विधानसभा चुनाव के कुछ माह पहले नये विधानसभा का उद्घाटन कर सरकार इसे अपनी उपलब्धि बता रही है.

जबकि हकीकत है कि अभी तक विधानसभा भवन पूरी तरह से बनकर तैयार भी नहीं हुआ है. बीजेपी इसका श्रेय लें, इससे जेएमएम को कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन केवल शिलापट्ट में नाम लिखवाने के उद्देश्य से बीजेपी अधूरे बने विधानसभा भवन का उद्घाटन पीएम से करवा रहकर विशेष सत्र आहुत कर रही है, जिसका पार्टी खुलकर विरोध करती है.

इस तरह की किसी बात की जानकारी नहीं : जगरनाथ महतो

मामले पर जगरनाथ महतो का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी बात की जानकारी नहीं है. पार्टी की तरफ से मुझे किसी ने कुछ नहीं कहा है. मैं तो रांची विशेष सत्र में शामिल होने जाऊंगा. रांची पहुंचने के बाद अगर कोई निर्देश मिलता है, तो देखा जाएगा.

वहीं इस मामले पर बरहागोरा विधायक कुणाल षाडंगी ने किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया.

इसे भी पढ़ें – #Cabinet : प्रधानमंत्री पत्रकार जीवन बीमा योजना पर मुहर,  पारा शिक्षक, बीआरपी-सीआरपी के लिए 10 करोड़ का कल्याण कोष

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button