
Dhanbad: धनबाद सिटी की प्रमुख सड़कें, बाई लेन, मुहल्लों की सड़कें निर्माण सामग्री स्टोर करने के कारण खतरनाक हो गयी हैं.
शहर की सड़कों पर वैसे भी ट्रैफिक का अतिरिक्त लोड रहता है. लेकिन जहां-तहां निर्माण सामग्री जमा करने के कारण स्थिति बद से बदतर होती जा रही है.
महानगरों में भी बहुमंजिली इमारतों का निर्माण होता है. वहां भी पत्थर, गिट्टी, बालू रात में सड़कों पर गिराये जाते हैं, लेकिन सुबह होते-होते उन्हें सड़क से हटा लिया जाता है.
लेकिन धनबाद में ईंट, बालू, गिट्टी लंबे समय तक सड़क पर ही पड़े रहते हैं. इस कारण लोगों को आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही दुघर्टना की आशंका बढ़ गयी है.
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जुर्माने का है प्रावधान
सड़कों के किनारे ईंट, बालू, गिट्टी गिराने वालों से जुर्माना वसूलने का प्रावधान है. लेकिन जब जुर्माना वसूलने वाले ही नियम और प्रावधानों का माखौल उड़ाये तो फिर क्या किया जा सकता है.

ताजा उदाहरण भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय से कुछ ही दूरी पर जेसी मल्लिक सड़क पर देखा जा सकता है. यहां दिनभर लोगों का आना जाना लगा रहता है.
छात्र-छात्राएं इसी रोड पर स्थित कोचिंग सेंटर में पढ़ने आया करते हैं. जेसी मल्लिक मुख्य मार्ग होने के कारण गाड़ियों की भी आवाजाही रहती है.
इस व्यस्त सड़क पर धनबाद नगर निगम द्वारा किसी दूसरे स्थान पर कराये जा रहे कार्य के लिए गिट्टी, बालू का पहाड़ लगा दिया गया है.
सड़क का अतिक्रमण कर किसी के दुकान के आगे तो, किसी के मकान के आगे गिट्टी, बालू का ढेर आप तस्वीरों में देख सकते हैं. यहां ऐसी स्थिति हो गई है कि लोगों का चलना मुश्किल हो गया है. कई बार तो स्कूटी से चलने वाले लोग दुर्घटना का भी शिकार हो चुके हैं.
घनी आबादी वाले इस स्थानों में लोग डस्ट से परेशान हैं. और यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. आम जनता की मुश्किलें रोजाना बढ़ती जा रही हैं.
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जल्द उठाना चाहिए मैटेरियल- स्थानीय
युवा व्यवसायी मधुरेन्द्र सिंह कहते हैं कि इस समस्या से शहर के प्राय: सभी लोगों का गाहे-बगाहे वास्ता पड़ता है. ऐसे में मकान निर्माण करने वाले समस्या को ध्यान में रखते हुए अपना मैटिरयल गिराने के बाद तत्परता दिखाते हुए जल्द उठाव कर लें. ताकि किसी को कोई परेशानी न हो.

वहीं अधिवक्ता दीपक सिन्हा का कहना है कि गैरकानूनी हरकत है. जुर्माना व सजा का प्रावधान है. नगर निगम क्षेत्र में बिना आदेश बालू, ईंट व गिट्टी रखना अतिक्रमण की श्रेणी में आता है.
अतिक्रमण से सड़कों को मुक्त रखना निगम प्रशासन व पुलिस-प्रशासन की ड्यूटी है. इस प्रकार से जनहितों की अनदेखी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई के प्रावधान हैं. क्षेत्रफल के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है और जुर्माना नहीं देने पर सजा के प्रावधान हैं.
निगम प्रशासन पर ही अब सक्रियता दिखाने की जरूरत है. इस प्रकार के कार्य करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं शिक्षिका रजनी सिंह का कहना है कि सड़कों पर बालू, गिट्टी, ईंट की वजह से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. लोगों में नागरिकीय बोध का अभाव है.
स्थानीय पार्षद की जवाबदेही
ज्ञात हो कि करीब एक माह पूर्व स्थानीय लोगों ने वार्ड पार्षद को सड़क पर गिराये गये निर्माण सामग्री की जानकारी दी. जिसके बाद उन्होंने कहा कि सड़क पर इस तरह गिट्टी-बालू गिराने से मना किया गया है. लेकिन फिर से वही लापरवाही सामने आयी है.




