
Dhanbad : शहर के चप्पे चप्पे में पुलिस की तैनाती के बावजूद मां शक्ति की पूजा की इस बेला में बेटियां सुरक्षित नहीं है. सप्तमी को पूजा का मेला शुरू होने के पहले दिन कई जगह लड़कों ने युवतियों से छेड़खानी की. हाइ स्पीड बाइक सवार लड़कों ने पुलिस की भारी तैनाती का जमकर मजाक उड़ाया.
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युवतियों ने युवकों से माफी मांग खुद को बचाया
सरायढेला थाना के पास न्यू कालोनी जानेवाली सड़क पर बाइक सवार युवकों ने रात करीब दस बजे उसी इलाके की रहनेवाली युवतियों पर फब्तियां कसी. इसका युवतियों ने विरोध किया तो युवक बाइक रोककर खड़े हो गये. सड़क पर इक्के..दुक्के आटो आ जा रहे थे पर युवतियों का मददगार वहां कोई नहीं था. अंततः युवतियों ने युवकों से माफी मांगकर किसी तरह बिगड़ती स्थिति से खुद को बचाया.
बता दें कि इस स्थल से महज सौ गज के फासले पर नये बन रहे सरायढेला थाने के पास तैनात पुलिसवाले ट्रैफिक कंट्रोल में लगाए गये थे. अगर न्यू कालोनी सड़क पर कुछ कुछ दूरी पर पुलिस के जवान तैनात किए जाते तो लड़कियों को शोहदों की करतूत के कारण शर्मिंदा नहीं होना पड़ता. यह सड़क धनबाद गोविंदपुर मुख्य सड़क पर थाना मोड़ के पास बैरियर लगा देने से महत्वपूर्ण हो गयी है. स्टील गेट जानेवाले वाहन इधर से ही गुजर रहे हैं. पुलिस की भारी तैनाती के बाद भी हाइ स्पीड बाइकों पर हवा से बात करते शोहदों का विभिन्न सड़कों पर आतंक कायम है. देर रात तक इन शोहदों के वाहन की विभिन्न सड़कों पर धूम मची रही. पुलिस का इनको तनिक भी भय नहीं था.
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धनबाद के एसएसपी की घोषणा हवा -हवाई
दुर्गा पूजा में भारी पुलिस बल की तैनाती की घोषणा कर धनबाद के एसएसपी मनोज रतन चोथे ने आमलोगों से कहा था कि वे बेखौफ होकर दुर्गापूजा में घूमें, उनको कोई परेशानी नहीं होगी. धनबाद पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तत्पर रहेगी पर लोगों को शोहदों की बेजा हरकतों के कारण शहर के मेन रोड से गुजरते हुए डर लग रहा था. अष्टमी और नवमी में जब ज्यादा से ज्यादा लोग मेला देखने और विभिन्न मंडपों में देवी दुर्गा का दर्शन करने निकलेंगे तब क्या होगा? तब तो शोहदों और गलत तत्वों का सुनसान रास्तों पर और भी आतंक होगा, इनके बीच से लोग परिवार सहित इज्जत बचाकर कैसे निकलेंगे यह सोचनेवाली बात है.
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पुलिस की दोषपूर्ण तैनाती
पुलिस को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में तो तैनात किया गया है पर सुनसान रास्तों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गयी है. सादी वर्दी में भी पुलिस की तैनाती जगह जगह कर उनकी ड्यूटी सुनिश्चित कर शोहदों को बेजा हरकत करते पकड़ा जाता तो आमलोग ज्यादा सुरक्षित होते. सिर्फ मुख्य स्थल पर बड़ी संख्या में वर्दीधारियों की तैनाती से आमलोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती है. यह सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ दिखावा के लिए या गलत तत्वों को डरने के लिए हो सकती है पर वास्तव में यह फूल प्रूफ सुरक्षा व्यवस्था नहीं है. इस व्यवस्था के भरोसे अगर एस एसपी ने लोगों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया है तो इसे हवाबाजी ही कहेंगे. यह आमलोगों को मुगालते में रखने की कोशिश के सिवा कुछ नहीं कही जा सकती.




