
Dhanbad : झरिया कोयलांचल में अभी भी कई बस्तियां हैं जो भूधंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्र में है. झरिया के लिलोरी पथरा की स्थिति विकट है. इस क्षेत्र के लोग कभी भी भूधंसान की चपेट में आ सकते हैं.
लिलोरी पथरा क्षेत्र के कई लोगों के घर में गोफ बना हुआ है. पहले भी भूधंसान के कारण इस मुहल्ले के कई घर जमींदोज हो चुके हैं. बावजूद इसके इन लोगों को पुनर्वासित करने की कोई पहल बीसीसीएल और जेरेडा की ओर से नहीं की जा रही है.
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नोटिस तो मिलता है पर पुनर्वास की पहल नहीं
बीसीसीएल या जरेडा झरिया के लोगों को हटाने के लिए नोटिस देता रहता है लेकिन इनको पुनर्वासित करने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है. जेरेडा और बीसीसीएल इन लोगों को सिर्फ नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर देता है.
लिलोरी पथरा के लोगों ने कहा कि जेरेडा की ओर से इन लोगों को पुनर्वासित करने के लिए सर्वे किया जा चुका है लेकिन अभी तक उन लोगों को पुनर्वासित नहीं किया गया है. उनका कहना था कि वे लोग दहशत के साये मे इस मुहल्ले में रह रहे हैं. यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. बावजूद इसके जेरेडा और बीसीसीएल की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है.
हालांकि जेरेडा कह रहा है कि इनमें से 70 लोगों को जल्द ही पुनर्वासित किया जायेगा. कई घर तो हैं ऐसे हैं जिसके सामने लगभग 10 मीटर की दूरी में जमीन पूरी तरह फट गयी है और उससे आग और जहरीली गैस निकलती रहती है. भू धंसान के कारण कई घरों में दरारें पड़ गयी हैं. लोग हमेशा डर के साये में रहते हैं.
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कुछ दिन पहले ही धंस गया था पूरा घर
इस संबंध में स्थानीय कुंदन कुमार ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले उसका पूरा घर लगभग एक बांस जमीन के अंदर धंस गया. इसके बाद से उसका पूरा परिवार बेघर हो गया है. लोग सड़क के किनारे किसी तरह जीवन गुजार रहे हैं.
जेरेडा ने सर्वे किया है लेकिन अभी तक उस सर्वे का कोई लाभ नहीं मिल पाया है. उन्होंने कहा कि हम लोगों को जल्द से जल्द सारी सुविधाओं के साथ पुनर्वासित किया जाय.
डर के साये में गुजारते हैं दिन-रात
वहीं मुन्नी देवी बताती हैं कि भू धंसान के कारण हम लोग रातों को सो नहीं पाते हैं. हमें डर लगा रहता है कि कब भू धंसान हो जायेगा. वहीं चानो देवी ने कहा कि हमलोगों को जल्द से जल्द यहां से पुनर्वासित किया जाय. हम लोग 24 घंटे यहां डर के साये में जीवन गुजार रहे हैं. वहीं शंभू वर्मा ने कहा कि बीसीसीएल के हम लोगों को घर खाली करने के लिए नोटिस तो दे देता है लेकिन न तो मुआवजा दिया जाता है और न ही कोई अन्य सुविधा दी जा रही है.
पता नहीं है इस बस्ती की हकीकत : जेरेडा प्रभारी
इस लिलोरी पथरा बस्ती की हकीकत जब हमने जेरेडा प्रभारी मो अजफर हसनैन को बतायी तो उनका कहना था कि इस बस्ती की हकीकत पता नहीं है लेकिन जिनका सर्वे हो चुका है उनको बेलगड़िया में क्वार्टर उपलब्ध कराया जायेगा और जिनको क्वार्टर उपलब्ध हो चुका है, उनको वहां जाना चाहिये. बीसीसीएल द्वारा उनको समान ले जाने के लिए गाड़ी और रोजगार भत्ता भी दिया जायेगा. अगर बीसीसीएल सुविधा नहीं दे रहा है, तो उनसे बात की जायेगी.
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