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देवघर भूमि घोटाला: दो तरफा घिर सकते हैं वरीय IAS अफसर, चलेगी डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग, सीओ सिद्धार्थ चौधरी सस्पेंड

सीओ के जेल जाने के बाद कार्मिक ने जारी किया सस्पेंसन का आदेश, तीन अगस्त को सीबीआई कोर्ट में किया था सरेंडर

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RAVI ADITYA

Ranchi: देवघर भूमि घोटाला की परत दर परत खुलती जा रही है. सरकार ने दोषी अफसरों पर शिकंजा भी कसना शुरू कर दिया है. इस मामले के आरोपी देवघर के तत्कालीन सीओ सिद्धार्थ शंकर चौधरी को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है. इसका आदेश 10 अक्टूबर को जारी कर दिया गया.  पुलिस अधीक्षक, सीबीआई, एसीबी धनबाद के पत्रांक संख्या 5167 दिनांक 03-08-2018 द्वारा सूचित किया गया था कि  देवघर भूमि घोटाला के आरोपी सिद्धार्थ शंकर चौधरी (राज्य प्रशासनिक सेवा) तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) देवघर ने विशेष न्यायाधीश सीबीआई धनबाद के समक्ष आत्मसमर्पण  किया. इसके बाद 10 अगस्त 2018 को उन्हें न्याययिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. सिद्धार्थ शंकर चौधरी को झारखंड सरकारी सेवक  नियमावली 2016 के नियम 9(2)(क) के तहत न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की तिथि दिनांक 10-08-2018 के प्रभाव से अगले आदेश के लिए निलंबित किये जाने का आदेश कार्मिक विभाग  ने जारी कर दिया. आदेश में इस बार का उल्लेख किया गया है कि न्यायायिक हिरासत से मुक्त होने के बाद श्री चौधरी कार्मिक विभाग में योगदान देंगे.

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जांच के घेरे में आ गये अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर

इस  मामले में अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर अरूण कुमार सिंह भी जांच के दायरे में आ गये हैं. सरकार उनसे स्पष्टीकरण पूछ चुकी है. सूत्रों के अनुसार, अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग भी शुरू कि  जायेगी. वहीं खान विभाग के खदान अनुशंसा मामले में भी सीबीआई ने अरूण कुमार सिंह का बयान कलमबद्ध किया था. इस पर भी आगे की कार्रवाई होनी है.  अरूण सिंह भी मुख्य सचिव पद के दावेदार माने जा रहे थे. अरूण सिंह वर्तमान में जलसंसाधन विभाग में अपर मुख्य सचिव हैं.

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दो और आईएएस हैं जांच के दायरे में

कई मामलों में और भी आईएएस जांच के दायरे में हैं. 1990 बैच के अफसर आलोक गोयल पर वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट केंद्र को भेज दी गई है. फिलहाल गोयल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी है. गोयल वर्तमान में झारखंड भवन नई दिल्ली में ओएसडी के पद पर पदस्थापित हैं. एक साल से ड्यूटी से गायब रहने वाले आईएएस अफसर बाघमारे प्रसाद कृष्णा भी विभागीय कार्रवाई में दोषी पाये गये हैं. इन पर सरकार जल्द आरोप तय करेगी. विभागीय कार्रवाई के संचालन पदाधिकारी अपर मुख्य सचिव इंदू शेखर चतुर्वेदी ने जांच रिपोर्ट कार्मिक को सौंप दी  है.

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