
Ranchi : चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री को हटाने का आदेश दिया है. गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ केस दर्ज कराये जाने के मामले में आयोग ने डीसी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए यह आदेश जारी किया है. अगले कुछ दिनों में इस पर प्रक्रिया पूरी भी हो जाने की उम्मीद है.
विधायक सरयू राय ने इस मामले में कहा है कि आयोग का ये निर्णय एक बड़ी घटना है. इसके सबक भी हैं.
खासकर झारखंड के प्रशासनिक अधिकारियों को इससे सबक लेने की जरूरत है. किसी भी स्थिति में अधिकारियों को किसी के निजी सेवक के तौर पर आचरण करने से परहेज करना चाहिये. उनके लिये संविधान, नियम, कानून सर्वोपरि हो. इसके हिसाब से ही काम करें. राज्य इसी से आगे बढ़ेगा.
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भाजपा के निशाने पर भी थे डीसी
निशिकांत दुबे के खिलाफ देवघर डीसी के कहने पर 5 केस अलग-अलग थानों में दर्ज कराये गये थे. इस पर भाजपा ने लगातार डीसी पर हमला बोला था. कहा था कि डीसी झामुमो कार्यकर्ता के तौर पर जिले को चला रहे हैं. वे सांसद के खिलाफ सत्तारूढ़ दल के प्रतिनिधि के तौर पर एक्शन लेने में लगे हुए हैं. निशिकांत ने भी कई मौकों पर डीसी को संवैधानिक दायरे में रहकर अपने दायित्व के निर्वाहन की हिदायत दी थी.
क्या है मामला
गौरतलब है कि मंजूनाथ भजंत्री को हटाने के मामले में चुनाव आयोग के प्रधान सचिव राहुल शर्मा ने आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि बगैर आय़ोग की सहमति के उन्हें किसी जिले में डीसी नहीं बनाया जाये. साथ ही दो सप्ताह के अंदर विभागीय कार्यवाही चलाने और मेजर पेनाल्टी के आरोप पत्र देने की भी हिदायत दी है.
सांसद निशिकांत दुबे पर कराये गये 5 केस को आयोग ने गलत करार दिया है. आयोग ने केस दर्ज कराये जाने की शिकायत के बाद भजंत्री को शो-कॉज जारी करते हुए पूछा था कि मधुपुर उपचुनाव के 6 माह बाद क्यों देर से केस दर्ज कराये गये.
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