
NewDelhi : उच्चाधिकार प्राप्त जीएसटी परिषद ने शनिवार को इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर की दर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया. यह फैसला एक अगस्त से प्रभावी होगा. परिषद की 36वीं बैठक के बाद एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उसने इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जर पर भी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिय.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई. इस क्रम में परिषद ने स्थानीय अधिकारियों द्वारा इलेक्ट्रिक बसें किराये पर लेने के लिए जीएसटी छूट देने की भी मंजूरी दी, जीएसटी परिषद ने इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जरों पर कर की दर घटाकर पांच प्रतिशत की है. जान नें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में व्यस्त रहने की वजह से गुरुवार को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक को स्थगित कर दिया गया था.
वाहन बिक्री में मंदी की वजह से 10 लाख नौकरियां दांव पर
इससे पूर्व वाहन कलपुर्जा विनिर्माताओं के अखिल भारतीय संगठन एक्मा ने बुधवार को वाहन क्षेत्र के लिए माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की दर एक समान 18 प्रतिशत करने का अनुरोध किया, ताकि पूरे वाहन उद्योग में मांग को बढ़ाया जा सके जिससे करीब 10 लाख नौकरियां बचाने में मदद मिलेगी. कहा गया है कि अभी वाहन बिक्री में लगातार मंदी रहने की वजह से यह नौकरियां दांव पर लगी हैं. वाहन कलपुर्जा उद्योग करीब 50 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है. एक्मा ने बैटरी चालित वाहनों की नीति को भी स्पष्ट करने की भी मांग की है.
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एक्मा) के अध्यक्ष राम वेंकटरमानी ने यहां संवाददाताओं के कहा, वाहन उद्योग अभूतपूर्व मंदी का सामना कर रहा है. हर श्रेणी में वाहनों की बिक्री पिछले कई महीनों से भारी दबाव का सामना कर रही है. कहा कि वाहन कलपुर्जा उद्योग की वृद्धि पूरी तरह से वाहन उद्योग पर निर्भर है. मौजूदा स्थिति में वाहन उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत की कटौती हुई है. इस कारण कलपुर्जा उद्योग के सामने भी संकट है.




