
Ranchi: झारखंड के सीएम सरकारी स्तर पर शराब बेचते हैं. लेकिन समाज का एक बड़ा तबका बिहार की तर्ज पर शराबंदी पर जोर दे रहा है. अब यह शराबंदी का यह आंदोलन इतना आक्रामक हो गया कि अपने ही घर और समाज के बहू-बेटियों की इज्जत को सरेआम अपमानित करने पर उतारू हो गये हैं.
राजधानी रांची में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. खेलगांव थाना क्षेत्र के लालगंज में दो स्कूली छात्राओं को शराब से नहला दिया गया. इनका गुनाह बस इतना था कि दोनों के माता-पिता परिवार के लिए और पढ़ाई के लिए चौक पर हडिया बेचते हैं.
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क्या है मामला
रांची के खेलगांव थाना क्षेत्र लालगंज इलाके में पूर्व मुखिया अनिल लिंडा, पार्षद चिंता मनी और महिला समिति के नेतृत्व में शराबबंदी का अभियान चला रखा है. इसी अभियान के तहत इन लोगों ने कुछ लोगों को जमा कर पीड़ित परिवार के घर गए जहां पति के अनुपस्थिति में पत्नी के साथ तो दुर्व्यवहार किया. साथ ही भरी सभा में उसकी दो बेटियों के उपर शराब डाल कर अपमानित किया.
पीड़ित परिवार का कहना है कि पूर्व मुखिया अनिल लिंडा, पार्षद चिंतामनी और महिला समिति अध्यक्ष के द्वारा जानबूझ कर उनकी नाबालिक बेटियों के साथ दुर्व्यवहार किया है. इस घटना के बाद से पूरा परिवार सहमे हुए है.
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सरकार से मौत को गले लगाने की कर रहे मांग
भरी सभा में अपमान से परिवार इतना परेशान है कि पूरा परिवार अब सरकार से मौत को गले लगाने की मांग कर रहा है. पीड़ित मां अपनी दोनों बच्चियों को अच्छी शिक्षा देने को लेकर हड़िया बेचा करती थी. इसके लिए दोनों बहनें पूरी मेहनत भी करती है. स्कूल में मेहनत के दम पर अच्छे नंबरों से पास करती थी लेकिन उसके शरीर पर शराब उड़ेले जाने के कारण काफी अपमानित महसूस कर रही है.
स्थानीय लोग कर रहे घटना की निन्दा
गांव के स्थानीय लोग भी इस घटना की निंदा कर रहे हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि शराबबंदी एक अच्छी पहल है लेकिन ऐसे मामलों को विवादों के बजाय बातों से सुलझाना चाहिए जहां तक छात्राओं पर शराब उड़ेलने की बात है उसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है.




