
Jamshedpur: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शास्त्रीनगर के प्रांगण में शनिवार को दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह आयोजित किया गया.विद्यालय के सचिव अरुण सिंह, विशिष्ट अतिथि अभय सामंत, मुख्य अतिथि धर्मचंद्र पोद्दार तथा प्रधानाचार्य विजय शंकर सिंह ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया. विशिष्ट अतिथि अभय सामंत ने अपने उद्बोधन में वर्तमान संदर्भ में दादा-दादी, नाना-नानी की भूमिका को रेखांकित किया.
मुख्य अतिथि धर्मचंद्र पोद्दार ने दादा-दादी, नाना-नानी के महत्व को बताया. उन्होंने बताया कि शिशु मंदिर में दादा-दादी, नाना-नानी को सम्मानित करने की परंपरा को जीवंत रखा है. यह हमारी सांस्कृतिक विरासत है जो आज भी जीवित है. शिशु मंदिर केवल एक ऐसा विद्यालय है जहां शिक्षा के साथ संस्कार भी देने की परंपरा है. हमें अपने बच्चों को शिशु मंदिर में ही पढ़ाना चाहिए. पोद्दार जी बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि यहां के आचार्य बंधु-भगिनी बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य समर्पित भाव से कर रहे हैं. यह गुरुकुल परंपरा को प्रतिबिंबित करता है. विद्यालय के सचिव के धन्यवाद ज्ञापन तथा शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
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