
Ranchi: झारखंड में वैसे रेलवे साइडिंग जिनमें खनिज व सीमेंट का Loading/Unloading नहीं की जाती है उसका कंसेंट टू इस्टेबलिश (सीटीई)/ कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) क्षेत्रीय स्तर से ही जारी होगा. झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के पर्षद मंडल की बैठक में इसपर सहमति बनी. पर्षद के अध्यक्ष सह पीसीसीएफ अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कर्मी अब विशेष ट्रेनिंग के लिए देश-विदेश जा सकेंगे. उन्हें भेजने का निर्णय अध्यक्ष करेंगे. वहीं, पर्षद के कर्मचारियों को पेंशन देने पर भी चर्चा हुई, इसके लिए बैंकिंग कंपनियों से प्रजेंटेशन लिया जा रहा है.
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बैठक में 41 प्रस्तावों पर बनी सहमति
इस बैठक में अध्यक्ष समेत नौ सदस्य मौजूद रहे. बैठक में 41 प्रस्ताव रखे गये. इसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर पर्षद मंडल ने अपनी मुहर लगायी है. इनके अलावा वैसी इकाईयां जिनका कंसेंट टू इस्टेबलिश (सीटीई)/ कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ), यानी स्थापित करने के लिए सहमति/संचालन के लिए सहमति के रेगुलाइज नहीं है. उन्हें 31 अक्टूबर 2022 तक का समय दिया गया है. इस अवधि में रेगुलाइज नहीं कराने पर विधि-सम्मत कर्रवाई होगी. इसके साथ ही पर्षद में वित्तीय प्रबंधन को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए एकल वित्तीय प्रबंधन होगी. सीटीइ व सीटीओ जारी करने के लिए होटल, क्लब, बैंक्वेंट एवं अन्य एलायड इंडस्ट्रीज का वर्गीकरण किया जायेगा. इसके लिए कमेटी बनायी गयी है, जिसकी मॉनिटरिंग सदस्य सचिव करेंगे. विभिन्न वेस्ट मैनेजमेंट के लिए शुल्क का निर्धारण किया जायेगा, जो अबतक छूटे हुए थे.
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में अध्यक्ष एके रस्तोगी, वन विभाग के संयुक्त सचिव राजदीप जॉन, स्वास्थ्य के निदेशक प्रमुख मार्शल आइंद, सूडा के सहायक निदेशक आशीष कुमार, उद्योग के निदेशक जितेन्द्र कुमार, कारखाना निरीक्षक शिवानंद लगूरी, आदित्यपुर नगर निगम के नगर प्रबंधक लेमांशु कुमार, हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष सुशीला देवी और प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव वाईके दास उपस्थित थे.
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