
Ranchi: राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के कोविड वार्ड में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीजों को खाने में चिकेन बिरयानी चाहिए. उन्हें रिम्स से मिल रहा खाना पसंद नहीं आ रहा. उनका कहना है कि या तो उन्हें चिकेन बिरयानी दिया जाये या फिर घर का बना खाना मुहैया कराया जाये.
बता दें कि राज्य की पहली कोरोना पॉजिटिव मलेशियन मरीज ने इससे पहले बिरयानी की मांग की थी. मलेशियन महिला के बाद इन सभी के बिरयानी के मांग ने रिम्स प्रबंधन की परेशानी बढ़ा दी है.
हिंदपीढ़ी से मिले सभी मरीज कोविड-19 के एक ही वार्ड में एडमिट हैं. मलेशियन महिला को अलग रखा गया है.
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घर जाकर रहने की कर रहे हैं मांग
रिम्स कोविड-19 वार्ड के पहले तल्ले में एडमिट हिंद पीढ़ी के सभी मरीज घर जाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि वह भले ही कोरोना पॉजिटिव हैं, पर पूरी तरह से स्वस्थ हैं.
मरीजों का कहना है कि वे खुद को घर जाकर क्वारेंटाइन कर लेंगे. डॉक्टरों का कहना है कि सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल ठीक है और उनका ख्याल रखा जा रहा है.
मलेशियन महिला का गुरुवार को तीसरी बार सैंपल जांच के लिए लिया जायेगा. दूसरी बार लिये गये सैंपल में भी वह पॉजिटिव पायी गयी थी.
रांची जिला में अब तक मिले सभी कोरोना पॉजिटिव मरीज हिंदपीढ़ी इलाके से ही हैं. बुधवार को मिला एकमात्र मरीज भी हिंदपीढ़ी का ही 50 साल का व्यक्ति है.
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28 मरीजों में 14 हिंदपीढ़ी के
राज्य में अबतक मिले कुल 28 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में अकेले 14 हिंदपीढ़ी के हैं. सभी 14 मरीजों की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री है. एक की जान जा चुकी है.
हिंदपीरी से लगातार मिल रहे मरीजों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे हिंदपीढ़ी को सील कर दिया है. रांची के हिंदपीढ़ी के अलावा गिरिडीह से 1, कोडरमा से 1, हज़ारीबाग से 2, सिमडेगा के 1 और बोकारो से 9 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. बोकारो के भी एक मरीज की मौत हो चुकी है.
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