
Dhanbad : झरिया के कतरास मोड़ स्थित गुलगुलिया बस्ती के लोग लॉकडाउन के कारण भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं. इस मोहल्ले के लोगों को अभी तक ना तो किसी तरह की सरकारी सुविधा मिल सकी है और न ही कोई दानवीर इन लोगों की समस्याओं का समाधान कर सका है.
इस मोहल्ले से सटा हुआ ही कांग्रेस की झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह का कार्यालय है. इसके साथ ही कुछ ही दूरी पर झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह का भी कार्यालय है. इन लोगों ने भी अब तक मोहल्ले के लोगों की सुध नहीं ली है.
अब तक नहीं बन सका है राशन कार्ड
झरिया कतरास मोड़ स्थित गुलगुलिया बस्ती में लगभग 50 घर हैं. इन 50 घरों में लगभग 250 लोगों की आबादी है. इस बस्ती के कुछ परिवार तो ऐसे हैं जो मांग कर ही खाते हैं और इसी से इनकी जीविका चलती है.
बस्ती में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मजदूरी करते हैं ये भी डेली कमाने और डेली खाने वालों में से हैं. बताया जाता है कि ये लोग यहांं वर्षों से रह रहे हैं लेकिन इन लोगों का राशन कार्ड अब तक नहीं बना है. और न ही कोई सरकारी सुविधा ही इनको मिलती है. जिस कारण इनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उतपन्न हो गयी है.
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एक वक्त रहना पड़ रहा है भूखा
लॉकडाउन के कारण इनको न तो काम मिल रहा है और न ही मांगकर अपना गुजर-बसर कर पा रहे हैं. जबकि राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि जिनका राशन कार्ड नहीं बना है या जो अप्लाई किये हैं, उनको भी पीडीएस के तहत राशन दिया जायेगा.
इसकी जिम्मेवारी जिला प्रसासन और नगर निगम को भी दिया गया है. इसके लिए हर वार्ड में एक अधिकारी की भी नियुक्ति की गयी है लेकिन इन लोगों तक कोई नही पहुंंचता है. जिसकी वजह से इन्हें एक वक्त भूखा रहना पड़ रहा है. तीन वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो रहा है इस बस्ती के लोगों को.
न मिल रहा मास्क, न हो रही मोहल्ले की सफाई
यही नहीं, इस गुलगुलिया बस्ती में न तो किसी के द्वारा मास्क का वितरण किया गया और न ही नाली और गंदगी की सफाई हुई है. मुहल्ले में फॉगिंग या सेनेटाइजर का छिड़काव किया गया है. बस्ती के लोगों ने हमें बताया कि हमलोगों ने राशन कार्ड के लिए अप्लाई किया था लेकिन हमलोगों का राशन कार्ड नहीं बन सका है.
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण हमलोग भुखमरी के कगार पर हैं. आज तक सरकार की ओर से न तो राशन मिला और न ही साफ सफाई हुई. उन्होंने बताया कि जब हमलोगों को पता चलता है कि कहीं खाना बंट रहा है तो वहांं जाकर एक समय का खाना खा लेते हैं. नहीं तो भूखे रहते हैं. बच्चे लोग भी भूखे रहते हैं.
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क्या कहना है वार्ड पार्षद
इसे लेकर झरिया सीओ राजेश कुमार ने कहा कि जिनके पास राशन कार्ड नही हैं उनको भी पीडीएस दुकान से लॉकडाउन को लेकर राशन मिलेगा. लेकिन इन लोगों को तो पता ही नहीं है कि राशन कैसे और कहांं मिलेगा. इस लॉकडाउन की स्थिति में इनके समक्ष विकट परिस्थिति उतपन्न हो गयी है.
वहीं वार्ड 35 के पार्षद निरंजन प्रसाद का कहना है कि पार्षद को 10 हजार रुपये दिया जाना है लेकिन अभी तक नही मिला है. और 10 हजार में हमलोग क्या करेंगे. अब तक चार सौ गरीब अपना नाम लिखा चुके हैं.
वहीं वार्ड में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जिसे 40 लोगों को पीडीएस से राशन देना है. यह अभी तक नहीं दिया गया है और मात्र 40 लोगों को पांच किलो चावल देने से क्या होगा. उन्होंने कहा कि सरकार तो घोषणा करती है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है.
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