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#CoronaCrisis: कॉलेजों के बंद होने से 985 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलेरी पर मंडरा रहा संकट

Ranchi: लॉकडाउन की वजह से पिछले से 17 दिनों से राज्य के सभी कॉलेज बंद हैं. क्लासेस नहीं हो रहे हैं. आगे भी संभावना जतायी जा रही है कि लॉकडाउन जारी रहेगा. इस बीच क्लोसेस नहीं होने अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर नियुक्त शिक्षकों के वेतन पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं. राज्य के सात विश्वविद्यालयों के 65 अंगीभूत कॉलेजों में 985 शिक्षक अनुबंध पर कार्यरत हैं.

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985 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलरी पर संकट

गौरतलब है कि राज्य के सभी सातों विश्वविद्यालय के 65 अंगीभूत कॉलेजों में 2019 में 1100 शिक्षकों की नियुक्ति विभिन्न विषयों के तहत की गयी थी. फिलवक्त 985 शिक्षक कार्यरत हैं. इस अनुबंध आधारित शिक्षकों को प्रति क्लास 600 रुपये और अधिकतम 36000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं.

लेकिन जब-जब विवि और कॉलेज बंद होते हैं या फिर परीक्षाएं चल रही होती हैं, तब उन्हें पैसे नहीं मिलते हैं. अनुबंधित शिक्षक संघ का कहना है कि जब मुसीबत का समय सबके साथ है, ऐसे में अनुबंधित शिक्षकों के वेतन पर ध्यान नहीं देने से उनके परिवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ जायेगा.

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वेतनमान की मांग पुरानी

हालांकि अनुबंधित शिक्षकों ने अपने मानदेय को वेतनमान में लागू कराने के लिए कई बार संघर्ष किया है. वर्ष 2019 के जून माह में राजभवन के समक्ष 10 दिनों का अनशन किया गया था. अनुबंधित शिक्षक संघ का कहना है कि हमारी नियुक्ति विश्वविद्यालय नियुक्ति नियमावली 2018 के तहत की गयी है. सरकार की ओर से दो बार सातों विश्वविद्यालय में नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाया गया, लेकिन 12 सालों में नियुक्ति नहीं हुई.

इस संबंध में अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर संघ के अध्यक्ष डॉ निरंजन महतो ने कहा है कि राज्य के सभी विवि प्रशासन को अनुबंधित प्रोफेसर के लिए वैकल्पिक रास्त निकालने के बारे सोचना चाहिए. अहम बात यह है 985 अनुबंधित प्रोफेसर केवल क्लास ही नहीं लेते बल्कि अस्थाई प्रोफेसर की तरह विवि और विभाग का हर दस्तावेजी काम भी करते हैं.

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