
NEW DELHI: स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगाह किया कि दुनियाभर में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी और अगर हमने कोरोना नियमों का पालन नहीं किया तो हमें भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अगले 100-125 दिन महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इसका उल्लेख किया है और कहा है कि यह एक चेतावनी है कि किसी भी चीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता है
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डॉ पॉल ने कहा कि स्पेन में सप्ताह में कोरोना वायरस मामलों की संख्या में 64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि नीदरलैंड में 300 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी है. पॉल ने कहा, ‘‘यदि आप इंडोनेशिया, बांग्लादेश, थाईलैंड को देखें…थाईलैंड में चीजें ठीक थीं, लेकिन यहां केस बढ़ें हैं. यदि आप अफ्रीका के आंकड़ों को देखें, तो मामलों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है.’’ उन्होंने कहा कि अगले 100-125 दिन महत्वपूर्ण होने वाले हैं.
उन्होंने आगे कहा कि डब्ल्यूएचओ ने इन्हीं आंकड़ों के आधार पर कहा है कि स्थिति अच्छी से खराब हो रही है. यह तीसरी लहर आने का संकेत दे रही है. उन्होंने कहा कि यदि लोग कोरोना अनुकूल व्यवहार का पालन करेंगे और अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे तो तीसरी लहर नहीं आएगी. अथवा इसके प्रभाव को कम किया जा सकेगा. डॉ. पॉल ने कहा कि इस लिहाज से अगले 100-125 दिन नाजुक होंगे. यानी अगले चार महीने विशेष तौर पर सावधान रहने की जरूरत होगी.
पॉल ने कहा कि अब भी बड़ी आबादी संक्रमण के खतरे का सामना कर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘तीसरी लहर का सवाल बार-बार आता रहता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारी आबादी अभी भी जोखिम में है. हम अभी भी ‘हर्ड इम्यूनिटी’ के स्तर तक नहीं पहुंचे हैं और न ही हम संक्रमण के चरण में पहुंचे हैं. हम संक्रमण के माध्यम से ‘हर्ड इम्यूनिटी’ हासिल नहीं करना चाहते हैं.
दरअसल, सरकार ने दिसंबर तक 94 करोड़ वयस्क आबादी को टीका लगाने का लक्ष्य भी रखा है. लेकिन यदि 94 करोड़ आबादी में से 70-80 फीसदी को भी टीका लगाने में सफलता मिल जाती है तो भी कोरोना के बड़े खतरे को रोका जा सकेगा. इसलिए इस लिहाज से भी अगले चार-पांच महीने बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इस दौरान सरकार को टीकाकरण की रफ्तार को तेज करना है. बता दें कि देश में अब तक टीके की 41 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं तथा दोनों खुराक ले चुके लोगों की संख्या 7.5 करोड़ के करीब है.




