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बचके रहना: कोरोना की तीसरी लहर से कराह रहा इंडोनेशिया, यूरोप में भी मामले बढ़े

New Delhi: कोरोना की तीसरी लहर का साया दुनिया में मंडराने लगा है, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने दुनिया में थर्ड वेव शुरू होने का ऐलान कर दिया है, संगठन ने कई देशों को चेतावनी दी कि वे कोरोना की तीसरी लहर के शुरुआती फेज में आ चुके हैं. कभी भारत को ऑक्सीजन देने वाला इंडोनेशिया आज खुद ऑक्सीजन के लिए मदद मांग रहा है. केस इतने बढ़ गए हैं कि मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहा है. WHO के आंकड़ों के मुताबिक इस समय इंडोनेशिया कोरोना के मामलों में एशिया का एपिक सेंटर बना हुआ है. करीब 27 करोड़ आबादी वाले इंडोनेशिया में भारत से भी ज्यादा संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं. भारत में गुरुवार को 39,071 जबकि इंडोनेशिया में 56,757 केस सामने आए. वहां पर अब तक संक्रमण के 27 लाख 26 हजार 803 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 21 लाख 76 हजार 412 लोग रिकवर हो चुके हैं. वहीं 70,192 लोगों की मौत हो चुकी है.

अगर अमेरिका की बात करें तो वहां भी कुल 50 राज्यों में से 19 में हालात खराब हैं. उन राज्यों में पिछले 25 दिनों में संक्रमण के मामलों में 350% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालात की गंभीरता देखते हुए दक्षिणी कैलिफोर्निया के लॉस एंजेलिस में घर के अंदर भी मास्क पहनना जरूरी कर दिया गया है. वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके लोगों को भी यहां मास्क लगाना होगा.

अमेरिका में कोरोना वायरस के केस कम होते हुए 8,000 प्रतिदिन तक आ गए थे, लेकिन अब यहां रोजाना 30,000 से ज्यादा नए केस सामने आ रहे हैं.

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रूस इस समय कोरोना महामारी से दुनिया का पांचवां सबसे प्रभावित देश है. पिछले कुछ हफ्तों में यहां पर डेल्टा वैरिएंट की वजह से नए संक्रमण देखने को मिले हैं. वहां पर पिछले 24 घंटे में कोरोना महामारी के 24,702 नए मामले सामने आए. रूस में अब तक कोरोना के कुल 58.82 लाख मामले दर्ज हो चुके हैं. साथ ही करीब 1.46 लाख लोगों की मौत हो चुकी है.

यूरोपीय देश स्पेन में भी कोरोना महामारी की तीसरी लहर शुरू हो गई है. वहां पर दूसरी लहर के बाद पहली बार एक दिन में कोरोना के लगभग 44 हजार मामले दर्ज किए गए हैं. स्पेन में पहली लहर में एक दिन में अधिकतम 43,960 और दूसरी लहर में 35,378 केस दर्ज किए गए थे. वहां पर अब तक कोरोना के 40.69 लाख कुल मामले दर्ज हो चुके हैं.

यूरोप में कोरोना का बीटा वेरिएंट तेजी से बढ़ रहा है. इस वेरिएंट का पहला केस साउथ अफ्रीका में मिला था. जिसके बाद यह फ्रांस समेत कई देशों में तेजी से फैल रहा है. इसे देखते हुए ब्रिटेन अब फ्रांस को रेड लिस्ट में डालने पर विचार कर रहा है. फ्रांस से आने वाले लोगों को होटल में क्वारंटीन किया जा सकता है. साथ ही उन पर अन्य पाबंदियां भी लग सकती हैं.

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