
Ranchi : झारखंड राज्य सहकारी बैंक इन दिनों कर्मियों की कमी से जूझ रहा है. बैंक में कर्मियों के जितने पद स्वीकृत हैं, उससे आधे से अधिक पद अभी भी खाली है, इससे बैंक का काम प्रभावित हो रहा है.
इसको लेकर झारखंड राज्य सहकारी बैंक कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है. पत्र की कॉपी मुख्यमंत्री सचिवालय को दी गयी है. लिखे पत्र में संघ ने हेमंत सोरेन से रिक्त पदों पर जल्द से जल्द बहाली करने की मांग की है.
संघ का कहना है कि राज्य गठन के बाद बैंक में केवल एक बार कर्मियों की बहाली हुई है, वह भी उनके पहले के कार्यकाल (2014) में. इस कारण बैंक का सारा काम अनुंबध में भर्ती किये कर्मियों से चल रहा है.
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अनुबंधकर्मियों के भरोसे कई शाखाओं में चल रहा है काम
बैंक के एक कर्मी ने बताया कि वर्तमान में पूरे राज्य में बैंक की 105 शाखाएं काम रही है. सभी शाखाओं में करीब 600 कर्मी कार्यरत हैं. करीब 300 पद अभी भी खाली है.
राज्य गठन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समय 2014 में पहली बार बैंककर्मियों की बहाली हुई थी. यह बहाली करीब 100 कर्मियों के लिए थी. उसके बाद अभी तक एक भी बहाली नहीं हो पायी.
ऐसे में पिछले दरवाजे से कई कर्मियों को अनुबंध में भर्ती कर बैंक में काम मिल रहा है. कई शाखाएं अभी इन्हीं अनुबंधकर्मियों के भरोसे चल रही हैं.
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संज्ञान में लायी गयी कर्मियों की समस्या, नहीं की कार्रवाई
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि कर्मियों की कमी वजह से बैंक का काम काफी प्रभावित हो रहा है. कर्मियों की कमी को कई बार पिछली सरकार के संज्ञान में लाया गया.
लेकिन इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. नतीजा बैंक के संचालन में दिन-प्रतिदिन समस्याएं बढ़ती जा रही हैं.
ऐसे में संघ ने सीएम से मांग की है कि IBPS के माध्यम से बैंक में बहाली हेतु नयी सरकार तत्काल ही कार्रवाई करे. ऐसा होने से सहकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित नहीं होगा.
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