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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) ने जन कन्वेंशन का किया आयोजन

अल्पसंख्यकों, दलितों और आदिवासियों पर बढ़ रहे हमले को रोकने में नाकाम है सरकार.

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Pakur : शहर के बैंक कॉलोनी स्थित विवाह भवन में मंगलवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी द्वारा जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया. आयोजित कार्यक्रम में संथाल परगना के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता उपस्थित हुए. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पोलित बयूरो सदस्य वृंदा करात मुख्य रूप से मौजूद थी. उन्होंने कहा केंद्र व सूबे की भाजपा सरकार राजनीतिक स्वार्थ के लिए नागरिकता विधेयक लाकर साम्प्रदायिक विभाजन करना चाहती है, इसलिए झारखंड की रघुवर सरकार ने केंद्र सरकार के नक्शे कदम पर चलते हुए भाजपा कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय नागरिक रेजिस्टर बनाने की मंजूरी दी है. यह विधेयक भारत के संविधान की मूल भावना के खिलाफ है.

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भारतीय संविधान में धार्मिक पहचान पर आधारित नागरिकता का कोई प्रावधान नहीं है. चार वर्ष सत्ता में रहने के बाद भी मोदी सरकार जनता के हक में कुछ भी करने से बुरी तरह विफल रही है. इसलिए भाजपा साम्प्रदायिक विभाजन का कार्ड खेलना चाहती है. पाकुड़ और साहेबगंज जैसे सीमावर्ती जिले में आरएसएस -भाजपा द्वारा सुनियोजित तरीके से अल्पसंख्यक के मन में भय पैदा किये जाने की साजिश की जा रही है.

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मोमेंटम झारखंड के नाम पर वर्षों से बसे गरीबों को उजाड़ा

वर्तमान में दलितों और आदिवासियों पर हमले बढ़ रहे हैं. एससी-एसटी एक्ट कमजोर करने की साजिश, भीड़ द्वारा लोगों की बर्बर हत्त्याएं और मानवाधिकार एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर संगठित हमले,फर्जी मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी इस सरकार द्वारा लोकतंत्र को खत्म करने का षड्यंत्र है ताकि एक तानाशाही का शासन कायम किया जा सके.

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झारखंड में मोमेंटम झारखंड के नाम पर वर्षों से बसे आमलोगों को उजाड़कर और गैर मजरुआ जमीन कि जमाबंदी रद्द कर यह जमीन लैंड बैंक के हवाले कर रही है. ताकि कारपोरेट घरानों को जमीन उपलब्ध कराई जा सके.

चालीस प्रतिशत गरीब राशन से महरूम

सूबे में चालीस प्रतिशत गरीब राशन कार्ड से वंचित है. 11.5 लाख गरीब लोगों का राशन कार्ड ही रद्द कर दिया गया है. आयुष्मान भारत का डंका पीटने वाली सरकार बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को भी बंद करने की दिशा में काम कर रही है. कार्यक्रम में राज्य सचिव मोहम्मद इकबाल, गोपिकान्त बख्शी, प्रकाश विप्लव, मोहम्मद नादेर, असगर आलम, एहतिशाम अहमद, माणिक दुबे आदि मौजूद थे.

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