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बोकारोः कसमार में दिखा कर पुरानी बिल्डिंग निकाल लिये नए भवन के 13 लाख रुपए !

RTI से हुआ खुलासा, पूर्व विधायक ने डीसी से की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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Kasmaar (Bokaro): भ्रष्टाचार की एक से बढ़कर एक कहानी आजकल सामने आ रही है. बोकारो में एक ऐसा मामला सामने आया है. जिसके खुलासे के बाद कइयों के होश फाख्ता हो गए. भवन बनाने वाली एजेंसी ने पुरानी बिल्डिंग दिखा कर नए भवन की करीब 13 लाख की राशि निकाल ली.

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गोमिया के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद महतो द्वारा अनुशंसित विधायक मद से कसमार प्रखंड स्थित सिंहपुर इंटर महाविद्यालय सिंहपुर में दो कमरों का भवन निर्माण होना था. निर्माण तो नहीं हुआ, लेकिन निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का गबन हो गया. आरटीआई से हुए इस खुलासे में पता चला है कि 12 लाख 48 हजार 600 रुपये की राशि निकाल ली गयी है. यह खुलासा तब हुआ जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उक्त योजना के संबंध में कार्यकारी एजेंसी से जानकारी ली. मिली जानकारी के अनुसार, उक्त योजना की स्वीकृति वर्ष 2016 में मिली थी. लेकिन संबंधित कार्य एजेंसी एवं अभिकर्ता ने मिलकर पैसों का गबन कर लिया.

क्या है मामला

आरटीआई से प्राप्त सूचना के अनुसार, तत्कालीन गोमिया विधायक योगेंद्र प्रसाद के विधायक मद से वर्ष 2016 में उक्त महाविद्यालय परिसर में 20*30 फीट के दो कमरों का निर्माण कराने की योजना थी. जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति उप विकास आयुक्त बोकारो ने दी है. साथ ही कार्यकारी एजेंसी की जिम्मेवारी कसमार प्रखंड विकास पदाधिकारी को दी थी. कार्यकारी एजेंसी ने पंचायत सचिव प्रफुल्ल को भवन निर्माण के लिए अभिकर्ता के रूप में नामित किया था. लेकिन अभिकर्ता द्वारा भवन बनाया ही नहीं गया और पूरे पैसे की निकासी कर ली गयी.

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पुरानी बिल्डिंग को दिखा की निकासी

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जब आरटीआई कार्यकर्ता ने अभिकर्ता से भवन निर्माण का भौतिक निरीक्षण किया, तो अभिकर्ता ने सिंहपुर महाविद्यालय परिसर में एक अन्य बने तीन मंजिलें भवन की ओर दिखाते हुए कहा कि इसी भवन में विधायक मद के भी दो कमरों का निर्माण कराया गया है. जबकि उस तीन मंजिला भवन का निर्माण महाविद्यालय के निजी मद से बनाया गया है.

अगर बनाया भी है तो उक्त भवन में 20*30 फीट का कोई भी कमरा नहीं बना है. और ना ही विधायक मद से बने होने का कोई संकेत या लेख अंकित है. सवाल यह भी उठता है कि यदि उक्त तीन मंजिला भवन में विधायक मद से बने प्राक्कलन के इतर किस अधिकारी के आदेश पर बनाया गया है. इसका कोई लिखित प्रमाण भी नहीं है.

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जांच की मांग

इधर गोमिया के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद महतो ने बोकारो उपायुक्त को उक्त मामले की उच्च स्तर पर जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है. वही बीडीओ मोनिया लता ने कहा कि उन्होंने कसमार प्रखंड में तीन सप्ताह पूर्व ही योगदान देना शुरु किया है. इसलिए उक्त भवन निर्माण के बारे में कोई जानकारी नहीं है. मामले की जांच करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगी.प्रखंड प्रमुख विजय किशोर गौतम और लोगों का कहना है कि उक्त भवन निर्माण कार्य में पैसों की गबन का गया है. अभिकर्ता द्वारा बचने के लिए महाविद्यालय की ओर से बनाए जा रहे भवन को विधायक मद का भवन बताया जा रहा है.

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