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आस्था के महापर्व में दिखा सांप्रदायिक सौहार्द्रः मुस्लिम समुदाय के लोग बेच रहें सूप-दउरा

Ranchi: आस्था के महापर्व छठ का उत्साह हर ओर देखा जा रहा है. घर हो या बाजार हर तरफ छठ की रौनक है. बाजार में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है. ऐसे में शहर में कुछ लोग है जो छठ महापर्व पर सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दे रहे हैं.

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शहर के विभिन्न स्थानों पर छठ बाजार लगे हैं. इन्हीं में से कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग हैं जो सूप-दउरा बेचते देखे जा रहा हैं. न सिर्फ सूप-दउरा बल्कि ये छठ की छोटी सी छोटी जरूरत की वस्तु भी बेच रहे हैं. जिला स्कूल, हरमू बाजार में तो इन्होंने बाजार लगाया ही है. साथ ही अन्य चौक-चौराहों पर भी इनके छोटे-छोटे दुकान देखे जा रहे हैं. महिलाएं भी छठ सामग्री बेच रही हैं.

हर साल लगाते हैं बाजार

मुस्लिम दुकानदारों से जब इस विषय में बात की गयी तो अधिकांश दुकानदारों ने बताया कि हर साल छठ बाजार लगाते हैं. जिला स्कूल परिसर में सूप बेच रहे कलाम अख्तर ने कहा कि उन्हें छठ के अवसर पर सूप बेचते 30 साल हो गये हैं. हर साल वो और उनका परिवार छठ का इंतजार करता है, क्योंकि इस दौरान इनकी अच्छी कमाई हो जाती है. दूसरे दुकानदार मोईन अंसारी ने कहा कि वे 25 सालों से छठ बाजार लगा रहे हैं. सूप-दउरा के साथ ही पूजा की अन्य सामग्री बेचते हैं.

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एक माह पहले से करते हैं तैयारी

इन दुकानदारों ने बताया कि ये लोग हर साल उत्साह के साथ छठ बाजार लगाते है. जिसके के लिए ये एक माह पूर्व से तैयारियां करते हैं, क्योंकि अधिकांश सूप-दउरा ग्रामीण क्षेत्रों से मंगाया जाता है. देर से ऑर्डर देने पर सूप नहीं मिलते हैं.

जिला स्कूल में दुकान लगाये कमाल अख्तर ने कहा कि उनका पूरा परिवार ही छठ के दौरान सूप-दउरा बेचने का काम कर रहा है. जिसके लिए कई अलग-अलग स्थानों पर दुकान लगाये हैं. कमाल ने कहा कि छठ के समय खरीदार अधिक रहते हैं, ऐसे में कहीं भी दुकान लगाने से बिक्री होती है.

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सिर्फ आमदनी नहीं आस्था भी

दुकानदारों से जब इस आमदनी की बात की गयी तो अधिकांश ने कहा कि छठ के दौरान आमदनी तो अलग बात है. लेकिन ये पर्व आस्था का है. जो परंपरा से जुड़ा है. ऐेसे में सिर्फ आमदनी नहीं छठव्रतियों की मदद करने की भावना से भी बाजार लगाया जाता है. जिसमें साफ-सफाई समेत अन्य बातों का ध्यान रखा जाता है.

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