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नक्सलवाद खत्म होने का सीएम का दावा गलत, बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सरकार जिम्मेवार  :  राजेश ठाकुर

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Ranchi : पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार को जिम्मेवार ठहराया है. पार्टी मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने कहा है कि उनके इस कार्यकाल में जिस तरह से बलात्कार, हिंसा और हत्याओं की घटनाओं में वृद्धि हुई है, वह इस अवधि में सरकार की लापरवाह  कार्यशैली का जीता जागता उदाहरण है. वहीं नक्सलवाद खत्म होने के सीएम के दावे पर कहा कि यह पूरी तरह से गलत है. अगर ऐसा होता तो लोहरदगा में पीएम के दौरे पर सुरक्षा व्यवस्था की भारी तैनाती नहीं होती.

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सभी जिलों में पुलिस लगातार के मुस्तैद है.उसके बावजूद एक साथ 6 जिलों में दुष्कर्म से लेकर हत्या की वारदात हो जाये, तो यह समझा जा सकता है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. कहा कि वास्तव में रघुवर राज पूरी तरह से जंगलराज में तब्दील हो चुका है. हकीकत यह है कि सीएम रोजाना अनाप-शनाप बयान देकर सुर्खियों में बने रहते हैं और महिलाओं के साथ हो रहे व्यवहार पर अपनी बात नहीं रखते.

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बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सीएम को चिंता नहीं

मीडिया प्रभारी ने कहा  कि हाल के दिनों में राज्य के कई जिलों में महिलाओं के साथ दुष्कर्म, छिनतई व डायन बिसाही के आरोप में हत्या किये जाने की बात लगातार सामने आ रही है. इससे सीएम को तनिक भी चिंता नहीं है. इससे उलट वे पार्टी चुनाव-प्रचार में अपने कार्यकाल में कानून व्यवस्था का बखान कर आनंद ले रहे है. इस दौरान वे लगातार कांग्रेस पार्टी को कोसने में लगे हैं,  जबकि  मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के साढे 4 वर्षों  का समय प्रशासन को दुरुस्त करने में लगाया होता तो ऐसी घटनाएं शायद आज नहीं होतीं.  पीएम के दौरे पर कांग्रेस ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री का सीना 56 इंच का होगा तो इन घटनाओं के लिए अपने भाषण के क्रम में महिलाओं से क्षमा जरूर मांगेंगे.

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जहां जाते हैं सीएम, उनके साथ रहती है भारी सुरक्षा व्यवस्था

नक्सलवाद खत्म होने के दावे को लेकर कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने राज्य सरकार को घेऱा. कहा कि सीएम बार-बार नक्सलवाद खत्म होने की बात करते हैं, किंतु लोहरदगा, गुमला जैसे कई जिलों में जब वे जाते हैं तो भारी सुरक्षा व्यवस्था उनके साथ रहती है. हजारों की संख्या में पुलिस बल लगाया जाता है. अगर इन जिलों में नक्सलवाद खत्म हो गया है, प्रधानमंत्री मोदी की सभा के लिए 35 डीएसपी को क्यों लगाया जा रहा है? उन्होंने स्वीकारा है कि नक्सलवाद एक बड़ी समस्या है और राज्य के विकास के लिए इसका खत्म होना जरूरी है किंतु नक्सलवाद के खत्म होने की बात कर राजनीति करने से मुख्यमंत्री को परहेज करना चाहिए.

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