
Ranchi: सरयू राय ने ट्वीट कर फिर से पिछली सरकार पर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा है कि झारखंड में युवा दिवस 2018 में 26 हजार और 2019 में 1 लाख युवाओं को नौकरी देने का खर्चीला फर्जीवाड़ा हुआ.
कौशल विकास और रोजगार के नाम पर पांच सालों में हुए सभी घोटालों के जांच की मांग सरयू राय ने सीएम से की है.
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान ही नीरा यादव और उन्होंने जांच की मांग भी की थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. घोटाले होते रहे.
सरयू राय ने बताया कि नौकरी पाने वाले सभी युवाओं और नौकरी देने वालों का नाम, नंबर और पता उनके पास है. उन्होंने कहा कि इसकी जांच का जो दावा सरकार ने किया वो भी फर्जी निकला.
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लिम्का बुक में दर्ज हुआ था रिकॉर्ड
झारखंड में स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर 2018 में 26 हज़ार और 2019 में 1 लाख युवकों को नौकरी देना का खर्चीला फर्जीवाडा हुआ.मैने व विभागीय मंत्री नीरा जी ने कौशल विकास/रोज़गार घोटाला/फ़िज़ूलख़र्ची/अयोग्य सीईओ नियुक्ति का मामला सरकार में उठाया था.कारवाई नहीं हुई.घोटाला होते रहा.
— Saryu Roy (@roysaryu) February 4, 2020
सरयू राय ने 26 हजार युवाओं को रोजगार के लिए दर्ज लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड पर भी सवाल उठाया. बता दें कि 12 जनवरी 2018 को 26 हजार युवाओं को एक साथ एक मंच से नौकरी देने का रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया गया था.
इसके लिए सरकार की खूब वाहवाही हुई थी. पर इससे पहले ही 26 हजार युवाओं के नौकरी के दावे की हकीकत सामने आ चुकी थी. विभाग के आंकड़ों के हिसाब से ही मात्र चार हजार युवाओं ने ज्वाइनिंग की थी.
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घोटाले की जांच की करते रहे हैं मांग
सरयू राय लगातार भ्रष्टाचार की जांच की मांग करते रहे. सरयू राय ने मंत्री रहते हुए भी सरकार के कामों पर सवाल उठाते रहे, जिसके कारण उनका टिकट भी काट दिया गया था.
सरयू राय इस सरकार के बनते ही कई विभागों में हुए भ्रष्टाचार पर जांच कराने की मांग सीएम हेमंत सोरेन से करते रहे हैं.
सरयू राय के अलावा कौशल विकास में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए नीरा यादव ने भी मांग की थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
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