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सीएम ने चीन में कहा- झारखंड में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आयें

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Ranchi : भारत की धरती पर चीन के हेनान प्रांत से आनेवाले ह्वेनसांग और फाहियान भारत के इतिहास के अमिट हस्ताक्षर हैं. झारखंड के इटखोरी से ही भगवान बुद्ध की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हुई थी. हेनान प्रांत से हमारे अतीत के बेहतर रिश्तों की तरह भविष्य में भी बहुत बेहतर संबंध की अपेक्षा है. उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार देर शाम चीन के हेनान प्रांत की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन के पार्टी सेक्रेटरी वॉन गूशांग (Wang Guoshang) के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के क्रम में कहीं.

झारखंड में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश की काफी संभावनाएं हैं

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य में 29-30 नवंबर 2018 को आयोजित होनेवाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें विश्व के कई देशों की एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग से संबंधित कंपनियां भाग लेंगी. हेनान प्रांत में फूड प्रोसेसिंग की लगभग 30 हजार से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं, झारखंड में इनके निवेश की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं. मुख्यमंत्री ने वॉन गूशांग (Wang Guoshang) सहित हेनान प्रांत के प्रतिनिधिमंडल को ग्लोबल एग्रीकल्चर फूड समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रण दिया.

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हेनान के साथ झारखंड के अच्छे संबंध हो सकते हैं : वॉन

बैठक में वॉन (Wang Guoshang) ने मुख्यमंत्री रघुवर दास का स्वागत किया. भारत और चीन के बढ़ते संबंध पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इस साल भारत के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति के बीच तीन बार मुलाकात हो चुकी है. यह भारत-चीन के कूटनीतिक संबंधों को एक नया आयाम दे रहा है. इसी के संदर्भ में झारखंड के मुख्यमंत्री की अगुवाई में एक शिष्टमंडल हेनान प्रांत आया है, इससे दोनों राज्यों के संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि हेनान चीन की सबसे घनी आबादीवाला राज्य है, जिसकी आबादी 10 करोड़ है. हेनान एक अच्छा ट्रांस्पोर्टेशन हब है, जहां पर हाई स्पीड रेल नेटवर्क है, साथ ही वाटर-वेज के यहां कई अच्छे पोर्ट्स बने हुए हैं. हेनान नदी, पहाड़, मैदानी क्षेत्र है, इसके अलावा मिनरल के मामले में भी हेनान काफी संपन्न प्रांत है. हेनान की एक समृद्ध विरासत (हेरिटेज) रही है. यह पूर्व में चीन की राजधानी भी रह चुका है. चीन के इतिहास में हेनान का अलग महत्व है. वाणिज्यिक दृष्टि से हेनान चीन का 5वां सबसे बड़ा प्रांत है. हेनान ने कृषि में काफी सराहनीय कार्य किया है. चीन की एक-तिहाई कृषि हेनान में होती है. हेनान में करीब 30 हजार फूड प्रोसेसिंग की कंपनियां हैं. फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री का टर्नओवर करीब 10 ट्रिलियन है. करीब 3 मिलियन सेलफोन का प्रोडक्शन हेनान में होता है, जो कि चीन के सेलफोन प्रोडक्शन का 1/7वां हिस्सा है. वॉन ने कहा कि हेनान के साथ झारखंड के अच्छे संबंध स्थापित हो सकते हैं. भारत में इंडस्ट्री की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण राज्य है. इसके साथ यह कृषि प्रधान राज्य भी है. वॉन ने झारखंड की विकास दर, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संभावनाओं से भरा हुआ राज्य है. वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वॉन (Wang Guoshang) से झारखंड के बारे में बताया. यह भी बताया कि झारखंड भगवान बुद्ध का बहुत बड़ा केंद्र बन सकता है. इटखोरी में भगवान बुद्ध की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हुई थी. बुद्धिज्म के दृष्टिकोण से हेनान प्रांत का झारखंड से काफी गहरा नाता स्थापित हो सकता है.

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शिष्टमंडल में ये हैं शामिल

मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में गये शिष्टमंडल में ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, भू-राजस्व मंत्री अमर कुमार बाउरी, विकास आयुक्त डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल एवं मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव अंजन सरकार सम्मिलित हैं.

सीएम ने चीन में कहा- झारखंड में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आयें

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