
New Delhi: हिमाचल प्रदेश के लाहौल -स्पीति में बादल फटने और भारी बारिश के बाद जगह-जगह भूस्खलन होने से 144 पर्यटक अभी भी फंसे हुए हैं. गुरुवार को अपने एक बयान में जिला प्रशासन ने बताया कि पट्टन घाटी में 204 लोग फंसे थे जिनमें से 60 को पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने सकुशल बचाकर निकाला.
इसे भी पढ़ें : असम-मिजोरम में गहराया विवाद, असम ने अपने नागरिकों को मिजोरम जाने से रोका
इससे पहले राज्य आपदा प्रबंधन के निदेशक सुदेश कुमार मोखटा ने बताया था कि 175 लोग फंसे हैं जिनमें 60 महिलाएं एवं 16 बच्चे हैं. जिले के एक प्रवक्ता ने बताया कि उपायुक्त नीरज कुमार ने उन्हें वहां से निकालने के लिए राज्य सरकार से हेलिकॉप्टर का सहयोग मांगा है.
मोखटा ने बताया कि मौसम के कारण राज्य सरकार के हेलिकॉप्टर से शुक्रवार को मदद लेने की योजना बनाई गई है. उन्होंने कहा कि उन्हें सड़क मार्ग से निकालना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि पांगी होकर गुजरने वाले मार्ग के शुक्रवार शाम तक तैयार होने की संभावना नहीं है तथा खराब मौसम के कारण जिले में कई रास्ते एवं पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
इसे भी पढ़ें : Jharkhand की बेटी दीपिका ने Olympic पदक की ओर एक और कदम बढ़ाया, क्वार्टर फाइनल में पहुंची
लाहौल-स्पीति के उपायुक्त नीरज कुमार ने कहा कि फंसे हुए लोगों को एक मंदिर में ठहराया गया है और उन्हें पर्याप्त भोजन दिया जा रहा है. उनके अनुसार 72 लोग त्रिलोकीनाथ में फंसे हैं जिनमें 57 कुल्लू के, पंजाब और मंडी के सात-सात तथा होशियारपुर के पांच एवं संगरूर के दो लोग हैं.




