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चैंबर ने कहा- सरकार अनुमति दे तो बंगाल से लाया जा सकता है बालू

Ranchi : बालू की कमी पर राज्य सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है. जबकि राज्य में अधिकतर प्रोजेक्ट इससे प्रभावित हैं. चैंबर ने अलग-अलग स्तरों पर मंत्री, नेताओं और अधिकारियों से बात की लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल रहा. ये बातें चैंबर अध्यक्ष धीरज तनेजा कहीं. वे सोमवार को फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. वार्ता को संबोधित करते हुए श्री तनेजा ने कहा कि अब स्थिति ये आ गयी है कि व्यवसायियों को खुद ही बालू आपूर्ति करनी होगी.

इसके लिए पश्चिम बंगाल एक विकल्प है. बंगाल में एनजीटी की रोक 30 जून से लागू होगी. ऐसे में चैंबर को सरकार और प्रशासन मदद करे तो राज्य में पश्चिम बंगाल से बालू आपूर्ति हो सकती है.

वहीं, बालू एसोसिएशन के राजेश रंजन ने कहा कि पश्चिम बंगाल से प्रति हाईवा 22000 रुपये में बालू मिल सकता है. जबकि राज्य में इसकी कीमत 75000 रुपये तक पहुंच गयी है. ऐसे में राज्य सरकार को मदद करनी चाहिए.

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ऑनलाइन व्यवस्था परेशान कर रही है

श्री तनेजा ने कहा कि बालू की कमी से सरकारी व निजी निर्माण कार्य बाधित हैं. बालू की कमी को देखते हुए खनन विभाग ने ऑनलाइन बालू उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन इस व्यवस्था में कई तरह की परेशानी है.

जिन नंबरों पर संपर्क करने के लिए विज्ञापन दिया गया है, उस पर कोई सहयोग नहीं मिल रहा है. निर्माण कार्य बंद होने का असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है. निमार्ण उत्पादों की बिक्री भी इससे प्रभावित है. वहीं मजदूरों के सामने रोजगार का संकट है.

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