
Ranchi : राज्य सरकार की ओर से अब तक बिजली की फिकस्ड चार्जेज पर निर्णय नहीं लिया गया है. इस पर चेंबर भवन में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बैठक की गयी. बुधवार को हुई बैठक में चर्चा हुई कि पिछले दो तीन माह से उद्योगों के बंद होने पर सबसे बड़ी समस्या यही है.
इतने महीनों तक व्यवसायियों ने संयत्रों का इस्तेमाल नहीं किया. ऐसे में बिजली की फिकस्ड चार्जेज परेशानी का सबब है. बैठक में शामिल व्यवसायियों ने अपनी अपनी समस्या रखी.
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सदस्यों ने कहा कि सरकार से बार-बार बिजली के फिकस्ड चार्जेज पर छूट देने की मांग की गयी. लेकिन अभी तक राज्य सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया. वहीं उद्योगों की अन्य मांगों के लिए भी लगातार आवाज तेज की गयी.
लेकिन कारोबारियों की किसी भी समस्या पर सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया. जबकि पूर्व में मुख्यमंत्री और सीएस से कई बार पत्राचार और वार्तालाप हुआ है. व्यपारियों ने कहा कि सरकार के ऐसे रवैये से परेशानी बढ़ गयी है.
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सीएम ने कहा था 31 जून के बाद लेंगे निर्णय
अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने बताया कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गयी. मुख्य रूप से बिजली के फिकस्ड चार्जेज पर चर्चा हुई. कुणाल ने बताया कि इसके पहले सीएस से वार्ता की गयी थी. जिसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री फिकस्ड चार्जेज पर निर्णय लेंगे. वहीं चेंबर प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से भी इस मामले में मुलाकात की.
तब कहा गया कि 31 मई तक इस पर निर्णय लेंगे. इसके बाद भी सीएम की ओर से इस पर निर्णय नहीं लिया. इन्होंने बताया कि बैठक में फिकस्ड चार्जेज पर हाईकोट में चल रहे मामले पर भी चर्चा की गयी.
आने वाले समय में चेंबर सदस्यों की सर्वसम्मित से निर्णय लिया जायेगा. लीगल सलाहकार सुमित गाड़ोदिया से भी विचार विमर्श किया गया. वहीं बिजली शुल्क को बढ़ाने के लिए नियामक आयोग के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गयी. मौके पर धीरज तनेजा, दीपक कुमार मारू, बिनोद तुलस्यान, अजय भंडारी समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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