
Rajeshwar Panday
Chakradharpur : नक्सलियों की धमकी के बावजूद पश्चिमी सिंहभूम जिले के 18 प्रखंडों में पंचायत
चुनाव के चतुर्थ चरण का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ. हर जगह जमकर वोटिंग हुई. नक्सलियों की धमकी का वोटरों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. बुलेट पर बैलेट की एक बार फिर जीत हुई. पश्चिमी सिंहभूम जिले में पंचायत चुनाव से पूर्व नक्सलियों ने धमकाया था कि वोट नहीं देना है. लेकिन वोटरों ने उनकी बात नहीं मानी. बेखौफ घरों से निकल कर बूथ पर लोगों ने पहुंचकर मतदान किया.
शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला के 4 प्रखंडों में कुमारडुंगी, हाटगम्हरीया, जगन्नाथपुर, मझगांव मतदाताओं ने पूरे जोश और उमंग के साथ अपने घरों से निकल कर मतदान केंद्रों तक पहुंच कर मतदान किया. बताते चलें कि जिन 4 प्रखंडों में शुक्रवार को चुनाव हुआ है उनमें से कई प्रखंड घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र माने जाते हैंं. यहां दिनदहाड़े नक्सली पूर्व में उत्पात मचाते रहे हैं. लेकिन लोकतंत्र के इस पर्व पर नक्सलियों की धमकी बेअसर रही. नक्सलियों ने चुनाव से पूर्व कई प्रखंडों में पोस्टर साटकर वोट बहिष्कार के लिए कहा था. लेकिन वहां भी उत्साह के साथ लोग वोट करने पहुंचे थे. किसी भी मतदाता के चेहरे पर कोई खौफ नहीं था.
बताते चलें कि सारंडा और पोड़ाहाट के घने जंगल के बीच अति नक्सल प्रभावित 18 प्रखंडों में
कई ऐसे गांव से मतदाता 5 से 10 किलोमीटर दूर बने बूथ तक पैदल चलकर वोट देने गए. इनमें महिला-पुरुष दोनों शामिल थे. लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तुलना में नक्सलियों के गढ़ में वोट प्रतिशत बढ़ा है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बूथों पर सुरक्षा की कमान अर्धसैनिक बल, झारखंड पुलिस के जवान एवं जैप के जवानों ने संभाल रखी थी. कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी खुद कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा एवं पश्चिमी सिंहभूम ने पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने संभाल रखी था.




