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सीबीआई प्रकरणः जानें देश के कौन-कौन सबसे प्रभावशाली लोगों की भूमिका है संदिग्ध

केंद्रीय राज्य मंत्री, एनएसए, केंद्रीय विधि सचिव समेत कई प्रभुत्व लोगों के नाम शामिल

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New Delhi: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई में अंदरुनी खींचतान के बीच ये विवाद काफी गहराता जा रहा है. सोमवार को इस विवाद में देश के कई प्रभुत्व लोगों के दामन पर भी दाग लगाये. देश के सर्वोच्च न्यायालय में लड़ी जा रही सीबीआई की लड़ाई के बीच सोमवार को दायर एक याचिका में देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से लेकर हरिभाई पी चौधरी और केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी तक के नाम शामिल हैं. हालांकि कोर्ट ने ये याचिका मंजूर नहीं की है. और मंगलवार को आलोक वर्मा मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मनीष कुमार सिन्हा को कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया है.

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सोमवार को अपने तबादले के खिलाफ याचिका दायर करने वाले सीबीआई के डीआईजी मनीष कुमार सिन्हा ने आरोप लगाया कि सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच को प्रभावित करने के लिए उनका ट्रांसफर किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि ये ट्रांसफर मनमाना है, क्योंकि जांच से देश के कुछ ताकतवर लोगों के विरुद्ध पुख्ता सबूत मिले हैं.

विवाद में घिरे कौन-कौन से प्रभावशाली लोग

सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच शुरु हुई खींचतान ने आज देश के कुछ कदावर अधिकारियों को इस पूरे प्रकरण में घसीट लिया है. इनमें-

आलोक वर्मा- सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर एजेंसी के ही विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. सीबीआई निदेशक और विशेष निदेशक की लड़ाई के बीच केंद्र सरकार ने इन्हें छुट्टी पर भेज दिया है. और इनके अधिकार भी सीज कर लिए गये हैं. केंद्र के फैसले को आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

राकेश अस्थाना- सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर मीट कारोबारी से तीन करोड़ रिश्वत लेने का आरोप है. सीबीआई ने इसे लेकर राकेश अस्थाना के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया है. फिलहाल उन्हें भी सरकार ने छुट्टी पर भेज दिया है.

मनीष कुमार सिन्हा- सीबीआई के डीआईजी, जो राकेश अस्थाना के रिश्वत प्रकरण की जांच कर रहे थे. और रातों-रात हुए कुछ अधिकारियों के तबादले में इनका भी नाम शामिल है. इन्हें नई दिल्ली से नागपुर भेज दिया गया है, इस फैसले को चुनौती देते हुए श्री सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

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अजीत डोभाल- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पर सीबीआई अधिकारी मनीष सिन्हा ने आरोप लगाये है कि डोभाल ने राकेश अस्थाना के खिलाफ छापेमारी रुकवाई. उन्होंने सावंत गोयल का फोन जब्त करने की इजाजत भी नहीं दी. अजित डोभाल ने देवेंद्र कुमार की जांच में भी अड़ंगा लगाया.

हरिभाई पी चौधरी- केंद्रीय राज्य मंत्री हरिभाई पी चौधरी पर भी अधिकारी सिन्हा ने आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा है कि व्यवसायी सतीश बाबू सना (जो अस्थाना के खिलाफ मामले में शिकायतकर्ता है) ने पूछताछ के दौरान बताया कि जून 2018 के पहले पखवाड़े में केन्द्रीय मंत्री को कुछ करोड़ रुपये दिये गये थे.

केवी चौधरी- आरोपी अधिकारियों में केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी का भी नाम जुड़ गया है. मनीष सिन्हा ने अपने आरोपों में कहा कि पूछताछ में सना ने बताया कि उसने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी से मुलाकात कर मोइन कुरेशी केस पर बात की थी. केवी चौधरी फिलहाल सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर लगे आरोप की जांच कर रहे हैं.

सुरेश चंद्रा- केंद्रीय विधि सचिव पर सीबीआई अधिकारी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 8 नवंबर 2018 को सतीश बाबू सना को पूरी सुरक्षा देने का दावा किया था. सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय विधि सचिव सुरेश चंद्र ने सना से तब संपर्क किया था जब आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी की कार्रवाई चल रही थी. मनीष सिन्हा ने आरोप लगाया कि केंद्रीय विधि सचिव सुरेश चंद्र ने बिचौलिये सना को यह संदेश भिजवाया था कि उसे सरकार की ओर से पूर्ण संरक्षण मिलेगा, जबकि उस वक्त ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका था.

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पीके सिन्हाः कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा के बारे में अपनी याचिका में मनीष सिन्हा ने कहा है कि यूनियन लॉ सेक्रेटरी सुरेश चंद्रा ने कैबिनेट सचिव का नाम लेते हुए सना को संरक्षण देने की बात कही थी.

पीएमओः आंध्र प्रदेश काडर के 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी सिन्हा ने अपनी 34 पृष्ठों की याचिका में बताया कि 23 अक्टूबर 2018 को उन्हें ये पता चला कि, रॉ अधिकारी समंत गोयल ने कहा कि पीएमओ के साथ सबचीजें मैनेज हो गई हैं.

रॉ अधिकारी समंत गोयल- मनीष सिन्हा ने आरोपों में कहा कि बिचौलिये मनोज प्रसाद से पूछताछ के दौरान डोभाल तथा भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के विशेष निदेशक एसके गोयल का नाम सामने आया.

अजय कुमार बस्सी- सीबीआई डीएसपी का भी रातों-रात तबादला किया गया था. बस्सी राकेश अस्थाना रिश्वत कांड की जांच कर रहे थे. उन्हें ट्रांसफर कर पोर्टब्लेयर भेजा गया है. हालांकि, उन्होंने भी इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है.

मोइन कुरैशी- अरबपति मीट व्यवसायी मोइन कुरैशी से तीन करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर लगा है.

सतीश बाबू सना- व्यवसायी सतीश बाबू सना ने सीबीआई विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर आरोप लगाया था कि कुरैशी केस में व्यवसायी को क्लीन चिट देने के लिए उन्होंने घूस की डिमांड की.

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