
Ranchi: मेदांता अस्पताल के स्वास्थकर्मी मन्नू पाहन की मौत कोविड वैक्सीनेशन के 2 दिन बाद हो गयी. मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है. इसी मेडिकल बोर्ड के द्वारा पोस्टमार्टम भी किया गया.
इसको लेकर स्वास्थ विभाग के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गयी है, जिसमें बताया गया है कि मन्नू पाहन को बैच नंबर 4120 2080 वायल से टीका दिया गया था. जिसकी एक्सपायरी 29 अप्रैल है. इसी से अन्य 9 लोगों को भी टीका दिया गया था. वे सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं.
स्वास्थ विभाग को अस्पताल प्रबंधन द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार मन्नू पाहन को 1 फरवरी को 12:55 मिनट पर कोविशील्ड का डोज दिया गया था. डोज देने के बाद आधे घंटे तक ऑब्जरवेशन में भी रखा गया था. इस दौरान उसे किसी तरह की कोई शिकायत नहीं थी. वह दूसरे दिन भी समान्य तौर पर काम कर रहा था.
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीकाकरण से व्यक्ति की मृत्यु स्थापित नहीं हो पायी है. इस मामले में डिटेल प्रतिवेदन मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फेमली वेल्फेयर की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए जांच रिपोर्ट उपलब्ध करायी जायेगी. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वह अपनी बारी आने पर कोरोना का टीका अवश्य लगवायें. टीका पूरी तरह सुरक्षित है.
बता दें कि मन्नू पाहन मेदांता अस्पताल में इंडस कॉपी डिपार्टमेंट में काम करता था, जिसकी उम्र 52 साल थी. मौत के बाद परिजनों ने बताया कि इससे पहले मन्नू पाहन को किसी तरह की कोई समस्या नहीं थी. परिवार वालों ने पोस्टमार्टम की मांग इसलिए थी कि यह पता चल सके कि आखिर मौत की असली वजह क्या है.
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