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हर उम्र में करनी चाहिए दिल की देखभाल

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Ranchi : दिल मानव शरीर का बहुत ही नाजुक अंग होता है. इसकी देखभाल सावधानी पूर्वक करनी चाहिए. स्‍वस्‍थ्‍य शरीर में ही हेल्‍दी दिल रहता है. कोई भी व्यक्ति कम उम्र या ज्यादा उम्र के हों यह मायने नहीं रखता है. दिल की देखभाल हर उम्र में करनी चाहिए. स्वस्थ्य आदतें ही आपके शरीर को कार्डियोवस­कुलर बीमारियों से बचा सकती हैं. अपने हार्ट का कैसे स्वस्थ्य रखें और किस प्रकार इससे संबंधित होने वाले बीमारियों से बचा जा सकता है, इसके बारे में न्यूज विंग संवाददाता चंदन चौधरी ने रिम्स के कार्डियेक सर्जरी डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ अंशुल कुमार से जानने की कोशिश है. प्रस्तुत है उनसे किए गए बातचीत के कुछ अंश.

प्रश्न : इस समय ठंढ का मौसम शुरु हो चुक है, ऐसे में एक सामान्य व्यक्ति अपने हार्ट का देखभाल कैसे कर सकता है?

जवाब : वर्तमान समय में ठंढ का मौसम आरंभ हो रहा है. ठंढ के मौसम में हार्ट का ख्याल रखना बेहद जरुरी है. इस समय सभी लोगों के पास काम के साथ परिवार और अन्य बातों का तनाव रहता है. अच्छे खान-पान, व्यायाम के साथ-साथ अपने व्यवहार व आचरण में बदलावकर हार्ट की देखभाल की जा सकती है. खान-पान में ज्यादा से ज्यादा हरी और ताजी सब्जियां, फल का सेवन करना चाहिए. खाने के तेल में सोया तेल अच्छा होता है. वनस्पति घी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हार्ट का सबसे बडा दुश्मन सुगर होता है. जिन व्यक्तियों को डायबिटीक की शिकायत है उनके दिल के लिए सुगर बहुत बडा दुश्मन होता है. सुगर के मरीज हो या सामान्य व्यक्ति, हर किसी को चीनी और नमक का सेवन नियंत्रण में करना चाहिए.

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प्रतिदिन आधे घंटे व्यायाम अवश्य करें

डॉ अंशुल कुमार ने बताया कि दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी है. प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे व्यायाम अवश्य करना चाहिए. इसके अलावा वाकिंग से भी काफी लाभ मिलता है, लोगों को तेज गति से चलना चाहिए. वहीं अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान व अल्कोहल का सेवन करने से भी लोगों का बचना चाहिए. लोगों को समय-समय पर अपने ब्‍लड शुगर की भी जांच करानी चाहिए. 40 साल की उम्र तक होने के बाद ब्‍लड शुगर की जांच कराना जरूरी हो जाता है. ब्‍लड शुगर की जांच हर तीन साल पर जरूर कराना चाहिए.

प्रश्न : हृदय से संबंधित किस प्रकार की बीमारियां होती है ?

जवाब : हृदय की धमनी में रुकावट होना, दिल में सुराख होना, जटिल हृदय के रोग, हॉर्ट अटैक, धमनी का तेजी से धडकना आदि शिकायतें हो सकती है. लेकिन अच्छे खान-पान से इसमे नियंत्रण रखा जा सकता है.

प्रश्‍न : मरिजों को रिम्स में क्या सुविधाएं प्रदान की जाती हैं ?

जवाब : अस्‍पताल में तीन तरह की सुविधा है,  कार्डियेक, थोरेसिक और वस्कुलर. कार्डियेक में ओपेन हार्ट सर्जरी किया जाता है. छाती के मरीजों के लंग का इलाज किया जाता है.

प्रश्‍न : क्लोज हार्ट सर्जरी क्या ?

जवाब : क्लोज हार्ट सर्जरी में हार्ट को खोले बगैर ऑपरेशन किया जाता है. ओपन हार्ट में जिस प्रकार छाती के साथ-साथ कोई छाती का कोई चेंबर खोलकर ऑपरेशन किया जाता है. वहीं क्लोज हार्ट सर्जरी में बगैर हार्ट को खोले तार की सहायता से ऑपरेशन किया जाता है. इस पद्धति से हर किसी का इलाज नहीं किया जा सकता है. शारिरिक रुप से स्वस्थ व्यक्ति का ही इस पद्धति से ऑपरेशन किया जा सकता है.

प्रश्‍न : आयुष्मान भारत योजना का कार्डियेक डिपार्टमेंट में कितने लाभुकों को लाभ मिला है ?

जवाब : आयुष्मान भारत योजना के तहत डिपार्टमेंट में काफी मरीज आ रहे हैं. पहले जहां प्रतिदिन 5 या 6 मरीज आते थे. वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 20 तक पहुंच गई है. मरीजों को बुलाकर उनका गोल्डन कार्ड बनवाया जा रहा है.

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