
Ranchi: भारी बारिश के बीच दिन भर लोड शेडिंग, जल जमाव और इंटरनेट कनेक्शन के बाधित होने पर चिंता व्यक्त करते हुए फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने नाराजगी जतायी. इसकी सारी जिम्मेदारी निगम और अन्य संबंधित विभागों के वरीय अधिकारियों को दिया. चैंबर अध्यक्ष धीरज तनेजा ने कहा कि रांची नगर निगम ने ड्रेनेज सिस्टम के नाम पर करोड़ों रूपये खर्च किये जाने के बावजूद अब तक व्यवस्था बदहाल बनी हुई है. अंडरग्राउण्ड केबलिंग का काम वर्षों से चल रहा है जो अब तक पूर्ण नहीं हो सका है. 19 अगस्त की देर रात से 20 अगस्त को राजधानी के कई इलाकों में दिन भर बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है. बिजली कटौती के साथ ही पूरे इलाके में जल जमाव और इंटरनेट कनेक्शन के बाधित होने के कारण व्यवसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही है. तनेजा ने कहा कि नगर निगम हर वर्ष यह आश्वस्त किया जाता है कि राजधानी की ड्रेनेज व्यवस्था दुरूस्त कर दी गई है, लेकिन बरसात के आरंभिक चरण में ही राजधानी के प्रायः सभी इलाके जलमग्न हैं. यह दर्शाता है कि निगम और जेबीवीएनएल की व्यवस्था बारिश को झेलने में सक्षम नहीं है. चैंबर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रांची नगर निगम, जेबीवीएनएल, रोड कंस्ट्रक्शन और अन्य संबंधित विभागों के सीनियर अफसरों की कमजोर प्लानिंग और कार्यप्रणाली का खामियाजा विभाग के फिल्ड अफसरों और लाइनमैन को भुगतना पड़ता है. विभाग के सीनियर अफसर एक विषम परिस्थिति उत्पन्न करके बिजली आपूर्ति बहाल करने और जल निकासी के लिए विभाग के निचले पायदान पर कार्यरत कर्मचारियों को अपनी जान जोखिम में डालने के लिए विवश करते हैं जो किसी भी दृष्टिकोण से ठीक नहीं है.
चैंबर महासचिव राहुल मारू ने कहा कि राजधानी को स्मॉर्ट सिटी बनाने की तैयारी हो रही है लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है. पहली बारिश में ही नगर निगम की ड्रेनेज व्यवस्था ध्वस्त हो गई है. यह स्पष्ट है कि निगम ने नाले की सफाई व्यवस्था की अनदेखी की है. उन्होंने निगम क्षेत्र में जलजमाव की समस्या का तत्काल निदान करने और बिजली की समस्या का समाधान करने की अपील की.
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