
Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची क्राइम की राजधानी के रूप में जानी जाने लगी है. बीते 15 दिनों के अंदर रांची के आसपास के इलाके में तीन हत्याएं हुई. पुलिस मामले की खुलासा होने का दावा तो करती है ,लेकिन हत्यारे को पकड़ना तो दूर पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों को भी सही से सामने नहीं रख पाती है. जिसके चलते हत्यारे बेखौफ होकर हत्या की वारदातों का अंजाम दे रहे हैं. पुलिस की नाक के नीचे एक से बढ़कर एक गिरोह बन रहे हैं . और आए दिन हत्या, बलात्कार ,अपहरण ,लूट ,डकैती चोरी ,छिनतई जैसे वारदातें हो रही है . लेकिन इसे रोकने में पुलिस लगातार विफल साबित हो रही है.
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शहर की सुरक्षा भगवान भरोसे
रांची में कहने को तो सुरक्षा के लिए दर्जनों पीसीआर वैन, टाइगर मोबाइल, और थाने की पेट्रोलिंग पार्टी है. लेकिन इन सबके नाक के नीचे अपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. जिस तरह से पिछले 15 दिनों के अंदर अपराधियों ने तीन हत्या की घटना को अंजाम दिया है. इससे रांची वासियों को डर सता रहा है कि क्या वह यहां सुरक्षित हैं.
15 दिनों के अंदर तीन हत्याएं
पिछले 15 दिनों में अपराधियों द्वारा जिस तरह से शहर में हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया गया है. उसको लेकर रांची पिछले 15 दिनों से सुर्खियों में रहा है.
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पहली वारदात
24 अगस्त को दिन के 10:30 बजे रातू रोड के आर्य पुरी में दो बाइक पर सवार होकर आए पांच अपराधियों द्वारा राकेश नाम के युवक को सघन आबादी वाले क्षेत्र में दिनदहाड़े गोली दी गई. हत्या को अंजाम देने के बाद अपराधी फरार भी हो गए. मृतक मूल रूप से पलामू के पाटन का रहने वाला था.
दूसरी वारदात
25 अगस्त की देर रात नगड़ी के लाल गुटवा में पैदल आए तीन अपराधियों द्वारा रोशनलाल मिर्धा नाम के युवक को घर का गेट खुलवाकर गोली मार दी . जिससे उसकी मौत घटना स्थल पर हो गई. बड़ी आसानी से अपराधी फरार भी हो गए. रोशन लाल ईट, बालू और चिप्स का सप्लायर था वह मूल रूप से बाजरा का रहने वाला था.
तीसरी वारदात
7 सितंबर को शाम के करीब 8:00 बजे मुख्यमंत्री आवास से महज 60 मीटर की दूरी पर एक स्कूटी पर सवार होकर आए तीन अपराधियों द्वारा बुधु दास नामक शख्स को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई. मृतक बुधु दास पहले पुलिस के लिए भी काम कर चुका है .वह मूल रूप से बुंडू का रहने वाला था.
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एसआईटी गठन के बावजुद भी हत्या के कारणों का खुलासा नहीं
रांची पुलिस सिर्फ एसआईटी का गठन करती है, लेकिन कारणों का खुलासा नहीं कर पाती है. किसी भी घटना के बारे में पुलिस के बड़े अधिकारी से पूछने पर वह यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है. पुलिस खानापूर्ति के लिए कुछ छोटे-मोटे अपराधियों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है .लेकिन बड़े अपराधी पुलिस के गिरफ्त से दूर है.
ताक पर है डीजीपी का आदेश
डीजीपी डीके पांडेय ने पहले ही आदेश दिया था कि जिस थाना क्षेत्र के अंदर अपराधिक वारदातें होगी. उस थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी की जिम्मेवारी होगी. यह भी कहा था कि रात में थाना प्रभारी थाना में ही रहे लेकिन पुलिस के बड़े अधिकारी थाना का निरीक्षण भी नहीं करते हैं .ऐसे में लोगों की सुरक्षा कैसे होगी.
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पुलिस अपराधों पर लगाम लगाने की कर रही है कोशिश
डीआईजी एवी होमकर कहते हैं कि, राजधानी का एरिया और आबादी में काफी बड़ा है पुलिस लगातार हो रहे अपराधों पर लगाम लगाने की रणनीति बना रही है. अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं.




