
- सीओ द्वारा बनाया गया जाति प्रमाणपत्र राज्यस्तरीय नियोजन के लिए पर्याप्त
Ranchi : जाति प्रमाणपत्र निर्गत करने में हो रही परेशानियों को समाप्त करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. ओबीसी में आनेवाले लोगों को अब हर साल नया जाति प्रमाणपत्र बनाने की परेशानी से निजात मिल गयी है. अब सिर्फ एक बार ही ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर का सर्टिफिकेट बनाना होगा. नियुक्तियों या अन्य जगह ओबीसी क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट के लिए सिर्फ स्वअभिप्रमाणित प्रति देनी होगी. राज्य भर में होनेवाले नियोजन के लिए सभी सीओ लेवल के ही सर्टिफिकेट मान्य होंगे. अन्य राज्यों की नियुक्ति के लिए एसडीओ और डीसी कार्यालय से बने सर्टिफिकेट की जरूरत होने पर सीओ के स्तर से बने सर्टिफिकेट के आधार पर काउंटर साइन की व्यवस्था की जायेगी. जाति प्रमाणपत्र अब पिता की जाति के आधार पर ही बनेगा. भूमिहीनों के लिए स्थानीय जांच के आधार पर सर्टिफिकेट बनना मैंडेटरी हो जायेगा. अन्य राज्यों से 1950 से पहले आकर रह रहे लोगों को ही एससी और एसटी माना जायेगा. वहीं, 1978 से पहले से रह रहे लोगों को बीसी का दर्जा मिलेगा. ये फैसले गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में लिये गये. इसके अलावा गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में लोकायुक्त कार्यालय में 36 नये राजपत्रित और गैर राजपत्रित पदों के लिए नियुक्ति की जायेगी.
510 करोड़ की लागत से 10726 एससी-एसटी टोलों में पाइपलाइन से पहुंचाया जायेगा पानी
मुख्यमंत्री जन जल योजना के अंतर्गत 510 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से राज्य के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बहुल टोलों में पाइपलाइन जलापूर्ति के आधार पर राज्य के 10726 टोलों को जलापूर्ति से अच्छादित किया जायेगा. साथ ही जलसहियाओं के मानदेय और प्रोत्साहन को बढ़ाने की स्वीकृति दी गयी है. अब जलसहियाओं को मानदेय के रूप में प्रतिमाह 1000 रुपये दिये जायेंगे साथ ही कार्यों के हिसाब से प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी.
1258 करोड़ की लागत से 320 किमी की बनेंगी 15 सड़कें
कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को 15 सड़कें बनाने की स्वीकृति दी गयी. 1258 करोड़ की लागत से 320 किमी की 15 सड़कें बनायी जायेंगी. साथ ही, दुमका में व्यावसायिक पायलट लाइसेंस ट्रेनिंग सेंटर में ईईपी मोड के माध्यम से चयनित की गयी कंपनी आर्यन एविएशन दिल्ली को स्वीकृति दी गयी.
दुकानों के लिए निबंधन अब सिर्फ एक बार ही कराना होगा
झारखंड दुकान एवं प्रतिष्ठान नियमावली 2001 और नियमावली 2017 में संशोधन किया गया. इसके तहत अब राज्य में प्रतिष्ठानों के लिए नवीकरण विकल्प को समाप्त किया जा चुका है. अब एक ही बार निबंधन किया जायेगा. इससे पहले 10 साल में रिन्यू किया जाता था. साथ ही, झारखंड मोटर करारोपन वृद्धि की घटनोत्तर स्वीकृति दी गयी. वहीं, धनबाद म्यूनिसिपल भवन निर्माण के लिए 48 करोड़ 74 लाख 42 हजार 500 रुपये की लागत से किये जाने का फैसला लिया गया है.
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