
KHUNTI: खूंटी थाना क्षेत्र के रनिया में आज सुबह यानी 17 जुलाई, शनिवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में 10 लाख का इनामी PLFI उग्रवादी शनिचर सुरीन मारा गया है .सीआरपीएफ और पुलिस की टीम ने रनिया और गुदड़ी के बीच स्थित जंगल में पीएलएफआई उग्रवादियों के जमावड़े की सूचना पाकर घेराबंदी की. पुलिस को देखते ही पीएलएफआई उग्रवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. दोनों पक्षों के बीच 2 घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ में मोस्ट वांटेड शनिचर सुरीन मारा गया.

शनिचर सुरीन गुमला जिले के कामडारा प्रखंड अंतर्गत सरिता बड़का टोली गांव का रहने वाला था. वह पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप का सबसे विश्वस्त कमांडर माना जा रहा था. बीते फरवरी महीने में गुमला के एसपी एचपी जनार्दन ने शनिचर सुरीन के घर जाकर उसके माता-पिता से मुलाकात की थी और और उनसे अपील की थी कि वह अपने बेटे को सरेंडर करने के लिए राजी कराएं. घरवालों का कहना था कि शनिचर का उनसे कोई संपर्क नहीं है. वह कई सालों से घर नहीं आया.

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रनिया में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों ने कुख्यात शनिचर सुरीन को मुठभेड़ में ढेर कर दिया. खबर है कि मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में सीआरपीएफ और पुलिस की टीम ने कई हथियार भी बरामद किए हैं. बता दें कि एक दिन पहले ही हुई मुठभेड़ में 15 लाख का इनामी माओवादी बुद्धेश्वर उरांव भी मारा गया था.
इसके पहले बीते दिसंबर महीने में खूंटी जिले के मुरहू और बंदगांव की सीमा स्थित कोयंगसार में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 15 लाख का इनामी पीएलएफआई का जोनल कमांडर जिदन गुड़िया मारा गया था.




